वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल ने शनिवार को ऋषिकेश कोतवाली से हटने के आदेश का पालन न करने वाले इंस्पेक्टर विजय चंद सिंह गुंसाई को क्राइम मीटिंग से बाहर कर दिया। स्थानांतरित एसएसपी डा सदानंद दाते ने चार दिन पहले उन्हें एसपी देहात के आफिस से संबंद्ध कर दिया था, बावजूद इसके वह कोतवाली छोड़ने को तैयार नहीं थे।
आईजी संजय गुंज्याल द्वारा नाराजगी जताए जाने के बाद नई कप्तान ने शनिवार को यह कार्रवाई की। दून के एसएसपी रहे डा सदानंद दाते ने 18 नवंबर को ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय चंद गुंसाई को हटाकर प्रशिक्षु सीओ अभय सिंह को कार्यभार सौंप दिया था।
उस समय गुंसाई को कोतवाली से कहीं ओर स्थानांतरित नहीं किया गया था। इस कारण वह कोतवाली में ही बने रहे। 29 नवंबर को आईजी संजय गुंज्याल के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने एसएसपी से इंस्पेक्टर को वहां से हटाने के लिए कहा था, ताकि नियमानुसार प्रशिक्षु सीओ काम कर सके।
तत्कालीन एसएसपी डा दाते ने अगले दिन इंस्पेक्टर विजय चंद सिंह गुंसाई को वहां से स्थानांतरित करते हुए एसपी देहात के आफिस से संबंद्ध करने के आदेश जारी कर दिए। बाकायदा आईजी संजय गुंज्याल को आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी दे दी गई। इसी बीच डा दाते का स्थानांतरण होने के साथ प्रशिक्षु सीओ भी अवकाश पर चले गए।
इस कारण स्थानान्तरण आदेश फाइलों में दब कर रह गया। विजय चंद गुंसाई शनिवार को इंस्पेक्टर ऋषिकेश के रुप में ही क्राइम मीटिंग में पेश हुए, कोतवाली की गाड़ी और हमराह बदस्तूर उनके साथ रहे। मीटिंग के दौरान ही आईजी संजय गुंज्याल ने इंस्पेक्टर द्वारा आदेश का अनुपालन न करने का जिक्र एसएसपी स्वीटी अग्रवाल से किया।
इस पर नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर गुंसाई को क्राइम मीटिंग से बाहर कर दिया। उन्होंने अविलंब आदेश का पालन करने को कहा है। एसएसपी ने एसपी देहात श्वेता चौबे को इस मामले की जांच के आदेश दिए है। बता दे कि पुलिस विभाग में राजनैतिक हस्तक्षेप किसी से छिपा नहीं है। यह पहला मौका नहीं, जब आदेश को ठेंगा दिखाने की कोशिश की गई हो। आकाओं के दबाव में एक नहीं कई आदेश बदले भी गए।