शहीद भगत सिंह तिराहे पर शनिवार को अखिल भारतीय किसान सभा की 90वीं वर्षगांठ उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित सभा में किसानों को संबोधित करते हुए नेताओं ने संगठन की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम का मुख्य स्वर एकजुटता और संघर्ष रहा। किसानों से एकजुट होने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया गया।
डोईवाला मंडल इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में किसान सभा के केंद्रीय कमेटी के सदस्य गंगाधर नौटियाल ने कहा कि किसान सभा के देशभर में डेढ़ करोड़ सदस्य हैं। संगठन ने पिछले नौ दशक के सफर में किसानों के हक और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने युवा किसानों से संगठन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें आगे आकर किसानों की आवाज को बुलंद करना चाहिए। किसान सभा के मंडल अध्यक्ष बलबीर सिंह ने किसान सभा के इतिहास, किसान हित में संगठन की भूमिका और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
कहा कि आज कृषि क्षेत्र विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है, जिनके समाधान के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना 11 अप्रैल 1936 को की गई थी। कार्यक्रम में किसान नेता जाहिद अंजुम, जसवीर सिंह, प्रेम सिंह पाल, सरजीत सिंह, अनूप पाल, हरीश कुमार, जगजीत सिंह, गुरचरण सिंह, संगत सिंह, हरबंश सिंह,बलबीर सिंह बिंदा आदि उपस्थित रहे।