लच्छीवाला बटरफ्लाई पार्क क्षेत्र में अब तक तितलियों की 80 प्रजातियों का आगमन हो चुका है। प्रकृति प्रेमियों और बच्चों के लिए यह पार्क विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। सरकार की मंशा बटरफ्लाई पार्क के माध्यम से राज्य को अलग पहचान दिलाने की है। सरकार की योजना के अनुरूप वन विभाग इस दिशा में तेजी से कार्य भी कर रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो अक्तूबर से लच्छीवाला आने वाले पर्यटक तितली पार्क का भी दीदार कर सकेंगे।
देहरादून वन प्रभाग के लच्छीवाला वन क्षेत्र में करीब ढाई हेक्टेयर भूमि पर मुख्यमंत्री हरीश रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट बटरफ्लाई पार्क को अंतिम रूप देने में वन विभाग मुस्तैदी से जुटा है। अब तक वन विभाग इस प्रोजेक्ट पर करीब 40 लाख रुपये खर्च कर चुका है। इस बीच विशेषज्ञों से तितलियों की 80 प्रजातियों के यहां आने की पुष्टि ने विभाग को खासा उत्साहित कर दिया है।
तितलियों और पर्यटकों को आकर्षित करने वाले होस्ट और नेक्टर प्लांट और पौधे लगाए जा रहे हैं। पार्क को प्राकृतिक रूप दिया गया है। वन क्षेत्रों से होकर पर्यटक विभिन्न प्रकार की तितलियों का अवलोकन कैनोपी व्यू पुल से होकर पार्क में पुन: आ जाएंगे। लच्छीवाला पिकनिक स्पॉट में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं, ऐसे में बटरफ्लाई पार्क की रंग बिरंगी तितलियां पर्यटकों की इस संख्या में और इजाफा करेंगी।
तितली पार्क बनाएगा इकोलॉजिकल बैलेंस
सरकार की मंशा राज्य में दो तितली पार्क बनाने की है। फिलहाल लच्छीवाला में एक पार्क तैयार हो गया है। वन विभाग की मानें तो तितली जैसे कीट सुंदरता के साथ इकोलॉजिकल बैलेंस बनाने में भी सहायक होते हैं। पृथ्वी पर अब तक तितली की 18 हजार 500 से अधिक प्रजातियों की पहचान हो चुकी है। कम समय में लच्छीवाला में 80 प्रजातियों का पहुंचना पार्क की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। तितली पार्क बनाने के पीछे विभाग का मनोरंजन, शिक्षा, आय वृद्धि तो है ही, साथ पर्यावरण की सुरक्षा में योगदान देने वाले इस कीट को आम जनमानस के साथ जोड़ना भी मुख्य उदेश्य है।
बटरफ्लाई पार्क में अधिकांश काम हो चुका है। जल्द आने वाले पयर्टकों के लिए पार्क शुरू करने की योजना भी है। पार्क में तितलियों को संरक्षण मिलेेगा और पर्यटक इसका लुत्फ उठा सकेंगे। - घनानंद उनियाल, लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी।