तीर्थनगरी में एक के बाद एक हो रही चोरी की घटनाओं से भड़के व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक देहात का घेराव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस एक भी वारदात का खुलासा नहीं कर पाई, जिससे व्यापारी दहशत में हैं। चेताया कि 48 घंटे के अंदर चोरियों का पर्दाफाश नहीं किया गया तो व्यापारी बाजार बंदी जैसे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
फरवरी में विभिन्न प्रतिष्ठानों और एक कोठी में हुई चोरियों में से एक का भी खुलासा नहीं करने पर रविवार को व्यापारियों का पारा चढ़ गया। शैल विहार स्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय घटनाओं का संज्ञान लेने पहुंचे पुलिस अधीक्षक देहात डॉ. टीडी वेला को व्यापारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
व्यापारियों ने एसपी देहात का घेराव और आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते बेखौफ चोर ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस केस दर्ज करने की बजाए पीड़ितों को चक्कर कटवा रही है। ऐसे में अपराधियों के हौसले बुलंद है।
व्यापारियों ने अल्टीमेटम दिया कि दो दिन के भीतर चोरियों को खुलासा नहीं हुआ तो व्यापारी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पुलिस अधीक्षक टीडी वेला ने आश्वस्त किया कि जल्द घटनाओं का खुलासा कर दिया जाएगा। मामले में गठित टीम तहकीकात में जुटी है।
घेराव करने वालों में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल महामंत्री जयदत्त शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, श्रवण जैन, ललित मिश्र, पंकज गुप्ता, हितेंद्र पंवार, नवल कपूर, यशपाल अग्रवाल आदि शामिल थे।
रिपोर्ट लिखने में आनाकानी
आक्रोशित व्यापारियों ने कोतवाली पुलिस की लचर कार्यशैली की शिकायत पुलिस अधीक्षक देहात से की। बताया कि पुलिस चोरी की घटना की रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती है। तिलक रोड पर पिछले दिनों एक आवास में हुई चोरी का केस दर्ज कराने के लिए पुलिस ने पीड़ित को एक हफ्ते तक चक्कर कटवाए। कोई भी घटना होने पर चीता को भेजा है, कहकर स्थानीय पुलिस अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
कोतवाल की तैनाती की उठी मांग
व्यापारियों ने कोतवाली में कोतवाल की तैनाती की मांग की है। पुलिस अधीक्षक देहात डॉ. टीडी वेला ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। उम्मीद जताई कि कोतवाली में जल्द इंस्पेक्टर की नियुक्ति कर दी जाएगी।