बीएसएफ के जनक और प्रथम महानिदेशक रुस्तम जी के जन्म शताब्दी पर बीएसएफ इंस्टीट्यूट ऑफ एडवेंचर एंड एडवांस ट्रेनिंग डोईवाला की ओर से हुई दो दिवसीय व्हाइट वाटर राफ्टिंग चैंलेंज कप 2016 प्रतियोगिता बुधवार को समाप्त हो गई। विजेता टीम आईटीबीपी को राज्यपाल डॉ. केके पाल ने ट्राफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ राष्ट्र की रक्षा के साथ पर्यावरण का भी सजग प्रहरी बन गया है।
कहा कि गंगा को प्रदूषण रहित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। गोमुख से निकलने वाली गंगा आस्था का प्रतीक है। देश में महत्व रखती है। डॉ. पाल ने कहा कि मानव अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए प्रकृति का संरक्षण जरूरी है। बीएसएफ ने स्वच्छ गंगा और स्वच्छ हिमालय जैसे कार्यक्रमों से जनमानस को संदेश दिया है।
वहीं, एडीजी ओपीएस बल मुख्यालय नई दिल्ली ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। प्रतियोगिता दो वर्गों में हुई थी। जिसका उद्देश्य गंगा को निर्मल और पवित्र बनाए रखने में योगदान देना था। संस्थान के कमांडेंट राजकुमार नेगी ने बताया कि बीएसएफ ने गोल्डन जुबली वर्ष के तहत स्वच्छ भारत स्वच्छ हिमालय अभियान चलाया था। इससे पहले राज्यपाल डॉ. केके पाल ने प्रतियोगिता के मैराथन इवेंट में प्रथम आई आईटीबीपी, द्वितीय रही बीएसएफ और तृतीय रही उत्तराखंड पुलिस और दूसरे स्प्रिंट इवेंट में प्रथम रही आईटीबीपी, बीएसएफ द्वितीय और आईटीबीपी को तृतीय स्थान मिलने पर पुरस्कृत किया।
बीएसएफ के बैंड से राज्यपाल का स्वागत किया। समापन मौके पर डीआईजी बीएसएफ उमेश नयाल, पूर्व डीजीपी सुभाष जोशी, एडीजी विजिलेंस अशोक कुमार, कर्नल केएस मल्ल, एसपी देहात श्वेता चौबे, मनोरंजन त्रिपाठी, सुरेंद्र कनवासी, वाईएस पुंडीर, एसडीएम डोईवाला शालिनी नेगी आदि मौजूद रहे।