मरीज की जान बचाने के लिए खून की जरूरत पड़ने पर अब तीमारदारों को शहर से बाहर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। पैथोलॉजिस्ट के अभाव में सरकारी अस्पताल में सालभर से बंद पड़ा ब्लड बैंक सप्ताहभर बाद खुल जाएगा। शासन ने ब्लड बैंक संचालन के लिए अस्पताल में नए पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति कर दी है। बृहस्पतिवार को वह कार्यभार ग्रहण करेंगे।
नवंबर 2014 में पैैथोलॉजिस्ट यूएस कंडवाल का पौड़ी तबादला होने और उनके बदले प्रतिनियुक्ति नहीं होने से ब्लड बैंक बंद हो गया था। ऐसे में ब्लड की जरूरत पड़ने पर तीमारदारों को शहर से बाहर जौलीग्रांट अस्पताल और देहरादून जाना पड़ता था। समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पैथोलॉजिस्ट के लिए शासन को पत्र भेजा था।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. अशोक कुमार गैरोला ने बताया कि पैैथोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश कुमार पांडेय को नियुक्त किया गया है। एक सप्ताह में ब्लड बैंक का संचालन शुरू हो जाएगा।
इन्हें मिलेगी राहत
ब्लड बैंक के फिर से खुलने से थैलीसिमिया रोगी, गरीबी रेखा से नीचे और गर्भवती महिला को राहत मिलेगी। जरूरत पड़ने पर इन्हें अस्पताल प्रशासन की ओर से खून निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।