देहरादून एयरपोर्ट पर हवाई अड्डा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें एयरपोर्ट पर कार्यरत विभागों के अलावा वन विभाग, पुलिस और प्रशासन आदि के अधिकारियों ने भाग लिया।
समिति के अध्यक्ष क्षेत्रीय सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और उपाध्यक्ष टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने बैठक ली। अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर मौजूदा फ्लाइट, सुविधाएं, विमान पार्किंग आदि के बारे में बताया। एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि एयरपोर्ट दो वन रेंज से घिरा होने के कारण महीने में एक दो घटनाएं और वर्ष में लगभग 12 घटनाएं वन्य जीवों से संबंधित होती हैं। जिससे विमानों और यात्रियों को खतरा पैदा हो सकता है।
टिहरी सांसद ने कहा कि यह गंभीर मामला है। जिस पर त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि वन्य जीवों को रोकने के लिए एयरपोर्ट बाउंड्री के चारों तरफ सोलर फेंसिंग लगाई जानी चाहिए। वन्य अधिकारियों की टीम को लगातार एयरपोर्ट पर वन्य जीवों की आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश दिए।
Rishikesh News: बड़ी फ्लाइट उतारने के लिए रनवे का विस्तार करना जरूरी
एयरपोर्ट के चारों तरफ हो रहे ऊंचे निर्माण को लेकर एमडीडीए को अगली बैठक के लिए नोटिस जारी किए जाने पर सहमति बनी। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गोवा, पटना और वाराणसी के लिए फ्लाइट शुरू की जानी चाहिए। एयरपोर्ट निदेशक ने एयरपोर्ट से चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवा शुरू करने का सुझाव दिया। इस अवसर पर डीजीएम नितिन कादियान, सलाहकार समिति सदस्य उमेश अहलूवालिया, ईश्वर रौथाण, यतींद्र कटारिया, डॉ. केएस पंवार, सोनम नूरबु आदि उपस्थित रहे।
पक्षियों और सियार से अधिक खतरा
एयरपोर्ट के रनवे पर हाथी से लेकर गुलदार आदि दौड़ लगा चुके हैं। लेकिन आसमान में उड़ने वाले पक्षियों और परिसर में सियार की आवाजाही से फ्लाइट को कभी भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। महीने में एक से दो घटनाएं ऐसी होती हैं जिसमें सियार एयरपोर्ट के अंदर घूमता दिखाई देता है या विमान के आसपास आसमान में पक्षी मंडराते हैं।