ऑटो, विक्रम चालकों और मालिकों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। महासंघ का कहना है कि ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी वाले ऑटो खरीद कर क्या करें। पर्याप्त संख्या में सीएनजी पंप भी तो होने चाहिए। सरकार के इस फैसले से ऑटो विक्रम चालकों में रोष है।
उत्तराखंड विक्रम टेंपो महासंघ ने डीजल से चलने वाले 10 साल पुराने ऑटो और विक्रम को सड़क से हटाने के आदेश का विरोध किया।
यूनियन के प्रतिनिधियों ने सरकार पर उनका शोषण करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर पुतला फूंकने वालों में सुनील कुमार, राजेंद्र लांबा, वीरेंद्र सजवाण, हरिमोहन टीटू, पंकज वर्मा आदि उपस्थित थे।
सीएनजी ऑटो खरीदने वालों को मिले सब्सिडी
महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि प्रदेश सरकार एनजीटी के आदेश का हवाला देकर 10 साल पुराने ऑटो विक्रम को सड़कों से बाहर कर रही है। इन ऑटो विक्रम की जगह सीएनजी वाले ऑटो खरीदने की बात की जा रही है। कई ऑटो विक्रम मालिक ऐसे हैं जिन्होंने वाहन लोन पर ले रखे हैं। ऐसे में नए वाहन का क्या होगा। प्रदेश सरकार को सीएनजी ऑटो खरीदने वालों को सब्सिडी देनी चाहिए। तभी ऑटो, विक्रम चालकों और मालिकों की स्थिति में सुधार होगा। प्रदेश सरकार को ऑटो, विक्रम सड़क से हटाने की कार्रवाई साल दर साल करनी चाहिए। एक दम तानाशाही फैसला सुनाना ठीक नहीं।