देर आए दुरुस्त आए। आखिर एक साल बाद राजकीय इंटर कॉलेज लक्ष्मणझूला रसायन विज्ञान प्रवक्ता की शिक्षिका स्कूल वापस लौट आई हैं। शिक्षका के विद्यालय आने पर रसायन विज्ञान के छात्र-छात्राएं उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि अब उनकी बेपटरी पढ़ाई फिर ढर्रे पर लौट आएगी।
यहां बता दें कि अमर उजाला ने 24 सितंबर को ‘एक साल के भीतर खाली हो गए शिक्षकों के चार पद’ शीर्षक खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसके बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग ने एक वर्ष से जीआईसी तपोवन में अटैच रसायन विज्ञान की प्रवक्ता की तैनाती दोबारा जीआईसी लक्ष्मणझूला में कर दी गई है।
गौरतलब है कि अक्तूबर 2015 में जीआईसी लक्ष्मणझूला में हिंदी शिक्षक और रसायन विज्ञान की शिक्षिका का किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षिका को जीआईसी तपोवन और शिक्षक को आईडीपीएल इंटर कॉलेज से अटैच कर दिया था। वहीं, मार्च, अप्रैल 2016 से एलटी अंग्रेजी और कला के शिक्षकों का पद अभी भी रिक्त चल रहा है। जिस कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
एक वर्ष से तपोवन इंटर कॉलेज से अटैच रसायन विज्ञान विषय के शिक्षिका को विभागीय अधिकारियों ने अपने मूल विद्यालय में तैनाती दे दी है। शिक्षकों के शेष रिक्त पदों पर तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा चुुका है। उम्मीद है कि अन्य विषयों में भी जल्द शिक्षकों की तैनाती हो जाएगी। - मदन मोहन उप्रेती, प्रधानाचार्य जीआईसी लक्ष्मणझूला।