भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से सनगांव से नाहीकलां तक करीब आठ किमी मोटर मार्ग के लिए 2.03 हेक्टेयर वन भूमि को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद वन विभाग द्वारा इस भूमि से निर्धारित शर्तों के साथ पेड़ कटान किया जाएगा। वन भूमि को लोनिवि को भी हस्तांतरित कर दिया गया है। जिसके बाद डोईवाला के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र में आजादी के बाद पहली बार पक्का मार्ग बनाया जाएगा।
वर्तमान में लोग कच्चे और उबड़-खाबड़ मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। करीब आठ किमी मार्ग बनने से सनगांव, सिंधवाल गांव और नाहीकलां पंचायत की एक दर्जन से अधिक गांव को इसका लाभ मिलेगा। भोगपुर थानो मुख्य मार्ग से करीब पांच किमी तक पक्का मार्ग बना हुआ है। लेकिन उससे आगे करीब आठ किमी तक वन भूमि के कारण मार्ग निर्माण का कार्य नहीं हो पा रहा था।
केंद्रीय वन मंत्रालय की सहायक महानिरीक्षक नीलिमा शाह ने अपर मुख्य सचिव (वन) देहरादून को जारी पत्र में मंजरी देते हुए कहा है कि वन विभाग द्वारा प्रयोक्ता अभिकरण की लागत पर 4.06 हेक्टेयर सिविल भूमि ग्राम सनगांव खतौनी संख्या 99 के खसरा संख्या 408 ख में प्रतिपूरक वनीकरण करेगा। जिसमें स्थानीय स्वदेशी प्रजातियों को लगाया जाएगा। पेड़ों की लागत लोनिवि वन विभाग के पास जमा करेगा। वहीं प्रस्ताव के अनुसार 230 पेड़ से अधिक नहीं काटे जाएंगे। यह कार्य इस मंजूरी के एक से दो साल के अंदर पूरा किया जाना होगा।
-
सात दौर की वार्ता के बाद माने थे ग्रामीण
बीते लोकसभा चुनाव से कुछ दिन पहले सनगांव, सिंधवाल गांव और नाहीकलां के दर्जनों गांव के लोगों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी के बाद भोगपुर में जाखन पुल के पास धरना-प्रदर्शन किया था। तब वन, लोनिवि, प्रशासन और कई दूसरे विभागों के साथ ग्रामीणों की करीब सात दौर की वार्ता और क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का फैसला वापस लिया था। वन मंजूरी मिलने से निवर्तमान ग्राम प्रधान हेमवंती रावत, प्रदीप सिंधवाल, देवेंद्र तिवाडी व ग्रामीण नितिन शुभम, ज्ञान किशोर चमोली ने हर्ष व्यक्त किया है।
-
सनगांव से नाहीकलां मोटर मार्ग निर्माण को वन मंजूरी मिलने से मार्ग बनाने का रास्ता साफ हो गया है। आजादी के बाद तीन पंचायतों के दर्जन भर गांव पहली बार मोटर मार्ग से जुड़ेंगे। - बृजभूषण गैरोला विधायक डोईवाला
-
सनगांव से नाहीकला मोटर मार्ग को वन मंत्रालय से निर्धारित शर्तों के साथ सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। 2.03 हेक्टेयर वन भूमि भी लोनिवि को हस्तांतरित कर दी गई है। वन विभाग पेड़ कटान के बाद भूमि को लोनिवि को सौंपेगा। जिसके बाद डीपीआर बनाकर शासन में स्वीकृति को भेजी जाएगी। उसके बाद मार्ग निर्माण का कार्य किया जाएगा। - बीएन द्विवेदी, अधिशासी अभियंता लोनिवि