नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत गीता भवन नंबर छह की गौशाला में दो महीने में निराश्रित तीन बछड़े और एक सांड़ की मौत हो गई है। मौत की वजह संक्रमित बीमारी बताई जा रही है। ऐसे में गौशाला में दूसरे मवेशी भी प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन नगर पंचायत प्रशासन निराश्रित जानवरों की सुध नहीं ले रहा है।
अर्द्धकुंभ मेले के दौरान लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवारा पशुओं से परेशानी ना हो, इसके लिए नगर पंचायत ने क्षेत्र में आवारा घूमने वाले गाय, बछड़ों और सांड़ की धरपकड़ की। उन्हें गीता भवन नंबर छह की गौशाला में रखा गया। गौशाला में रखे आवारा पशुओं के चारे की जिम्मेदारी डालमिया आश्रम के स्वामी गुरुचरन मिश्र को सौंपी गई।
लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने धरपकड़ की कार्रवाई के बाद पशुओं की सुध नहीं ली। गौशाला में बंद पशु एक के बाद एक बीमार हो रह हैं। इनमें से तीन बछड़े और एक सांड़ अपनी जान गवां चुके हैं। शिकायत के बाद भी पंचायत प्रशासन ने उपचार की व्यवस्था नहीं की।
गौशाला के ग्वालों ने बताया कि निराश्रित मवेशियों ने पहले जगह-जगह सड़कों और गलियों से पॉलिथीन खाई हुई है। गौशाला में मिल रहे चारे का वह पाचन नहीं कर पा रहे हैं और बीमार हो रहे हैं। पशु चिकित्सक से उपचार कराया जा चुका है, लेकिन असर नहीं हुआ।
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो जल्द ही पशु चिकित्सक को बुलाकर बीमार पशुओं का उपचार कराया जाएगा।- शकुंतला राजपूत, अध्यक्ष नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक