- बायोमीट्रिक सत्यापन के दौरान खुला मामला, वायरमैन पद की भर्ती में पहचान संबंधी दस्तावेजों में मिला अंतर
- नौकरी हासिल करने के मामले में एक आरोपित फरार, राजस्थान निवासी दूसरे आरोपित को भेजा जेल
- बायोमीट्रिक सत्यापन में वायरमैन पद के अभ्यर्थी की पहचान पर हुआ संदेह
-परीक्षा देने वाले और नौकरी ज्वाइन करने वाले व्यक्ति की पहचान में मिला अंतर
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश की सीआरई-3 (कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन) भर्ती प्रक्रिया में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बायोमीट्रिक सत्यापन के दौरान वायरमैन पद के अभ्यर्थी की पहचान पर संदेह होने के बाद जांच की गई तो परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी और एम्स में नियुक्त होकर कार्यभार ग्रहण करने वाले व्यक्ति की पहचान में अंतर मिला। मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है जबकि दूसरा आरोपित फरार है।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्तूबर को एम्स ऋषिकेश में सीआरई-3 भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इस दौरान वायरमैन पद के लिए उपस्थित विकास कुमार मीणा की पहचान पर संदेह हुआ। मूल अभिलेखों और पहचान पत्रों का मिलान करने पर दोनों पहचान पत्रों पर विवरण समान होने के बावजूद फोटो में अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि परीक्षा में शामिल होने वाले व्यक्ति और एम्स में नियुक्त होकर नौकरी करने वाले व्यक्ति की पहचान अलग-अलग है। इस संबंध में एम्स के सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह ने पुलिस चौकी एम्स में लिखित शिकायत दी। शिकायत और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बिनेश कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की। विवेचना के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों की जांच के बाद पुलिस ने अशोक कुमार मीणा (40) निवासी ग्राम चौरवाड़ा, बस्सी, जयपुर, राजस्थान को 18 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार देहरादून भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिह बिष्ट ने बताया कि मामले में नामजद दूसरा आरोपित विकास कुमार मीणा निवासी जटाली ढाणी, काली पहाड़ी, दौसा, राजस्थान घटना के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित प्रतिरूपण और दस्तावेजों में अंतर के जरिये नियुक्ति कैसे हासिल की गई। साथ ही मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और संभावित लाभ की भी जांच की जा रही है।