ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शल्य चिकित्सा विभाग एवं क्लीनिकल रोबोटिक सर्जरी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में रोबो लैपकॉन के तहत दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सक रोबोटिक सर्जरी पर व्याख्यानमाला प्रस्तुत करेंगे।
एम्स में शनिवार को आयोजित कार्यशाला का एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश मरीजों के हित में टर्सरी केयर व रिसर्च पर अपना 70 फीसदी ध्यान केंद्रित करेगा। सेकेंड्री केयर व प्राइमरी केयर पर 30 प्रतिशत कार्य किया जाएगा। एम्स का रोबोटिक प्रोग्राम भारत वर्ष के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से सबसे सफल कार्यक्रम है। इस मौके पर संस्थान की ओर से प्रो. पिलानी बेलू को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया।
इस दौरान प्रो. पिलानी बेलू व डॉ. विवेक बिंदल ने लेप्रोस्कोपी व रोबोटिक सर्जरी के विभिन्न पहलुओं व उनमें अंतर विषय पर व्याख्यान दिया। हांगकांग से वरिष्ठ रोबोटिक सर्जन चुंग नगई टांग ने वीडियो प्रसारण के जरिए लीवर व पेंक्रियाज में रोबोटिक सर्जरी के उपयोग से संबंधित जानकारियां दी। इसके साथ ही रोबोटिक सर्जरी से उत्पन्न समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यशाला में डॉ. सोम शेखर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. दिनेश बालाकृष्णन, डॉ. एमसी मिश्रा, डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. वेंकटेश मुनि कृष्णन, डॉ. अवनीश सकलानी, डॉ. सुधीर कलहान ने व्याख्यान दिया। इस अवसर पर प्रोफेसर बीना रवि, प्रो. सोम प्रकाश बासु, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. फरहान उलहुदा, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. सुधीर कुमार सिंह, डॉ. दीपक राजपूत, डॉ. प्रवीन कुमार आदि मौजूद रहे।