प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने एम्स परिसर में एजेंसी का कार्यालय स्थापित किए जाने पर भी उठाया था सवाल
ऋषिकेश। न्यायालय की सख्ती के बाद एम्स प्रशासन हरकत में आया है। एम्स परिसर में संचालित आउटसोर्स एजेंसी के कार्यालय को खाली कराने के लिए प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद मंगलवार को आउटसोर्स एजेंसी ने अपना कार्यालय खाली कर दिया।
एम्स के किच्छा स्थित सेटेलाइट सेंटर में नियुक्ति के नाम पर फर्जीवाड़े के आरोपियों ने जमानत के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था। बीते कुछ दिन पूर्व जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत ने एम्स व पुलिस से सवाल पूछे थे जिनमें अदालत ने यह भी पूछा था कि एम्स परिसर में आउटसोर्स एजेंसी का कार्यालय क्यो स्थापित किया गया है। बता दें कि एम्स परिसर में एजेंसी के कार्यालय पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं और पूरे प्रकरण में एम्स प्रशासन भी सवालों के घेरे में है। अदालत के सख्त रुख के बाद एम्स प्रशासन हरकत में आया और एजेंसी को कार्यालय खाली करने का नोटिस जारी किया जिस पर बीते मंगलवार को आउटसोर्स एजेंसी राजदीप इंटरप्राइजेज ने एम्स परिसर से अपना कार्यालय खाली कर दिया है।
- आउटसोर्स एजेंसी को कार्यालय खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था जिस पर एजेंसी ने कार्यालय खाली कर दिया है। डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ, एम्स।