अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते संस्थानकर्मी।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कार्यरत 150 आउटसोर्सिंग कर्मियों ने बुधवार को वेतन विसंगति को लेकर कामकाज ठप कर दिया। हड़ताल से ओपीडी में मरीजों का पंजीकरण, पैैथोलॉजी जांच आदि कार्य प्रभावित रहे।
मरीज और उनके तीमारदार दिनभर इधर-उधर भटकते रहे। करीब चार घंटे बाद एम्स प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर कर्मी काम पर लौटे। आउटसोर्सिंग कर्मियों का पारा उस समय चढ़ गया, जब जानकारी मिली कि संविदा और ठेका कर्मियों के वेतन में बढ़ोत्तरी की गई है, लेकिन उनके वेतन में इजाफा नहीं हुआ है।
इसके बाद आउटसोर्सिंग कर्मी कामकाज छोड़कर धरने पर बैठ गए। इससे सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारी वेतन विसंगति दूर करने और वर्ष 2016 के एरियर भुगतान की मांग कर रहे थे।
एम्स प्रशासन ने मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद कर्मी काम पर लौटे। प्रदर्शन में दिलीप सिंह, मनीष मेहता, सतीश चंदेल, अनुपमा नौटियाल, विकास नौटियाल, शालू सैनी, राज बहादुर, अमित कंडियाल, महेश कुमार, बिजेंद्र सिंह, मेहनाज खान, हसन, नसीम आदि शामिल थे।