- एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ ने डीपीसी निरस्त कर नई कमेटी गठित करने की मांग की, मंगलवार को भूख हड़ताल की चेतावनी
ऋषिकेश। एम्स में सीनियर नर्सिंग अधिकारियों को असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट (एएनएस) के पद पर पदोन्नति दिए जाने के संबंध में विवाद खड़ा हो गया है। एम्स एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ ने एम्स प्रशासन पर पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर लागू न किए जाने आरोप लगाया है। संगठन से जुड़े नर्सिंग अधिकारियों ने तत्काल डीपीसी निरस्त किए जाने और नई कमेटी गठित किए जाने की मांग की है। विरोध स्वरूप दोपहर दो बजे बाद नर्सिंग अधिकारियों की ओर से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया गया। इसी के साथ ही मंगलवार यानी आज भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी गई।
सोमवार को एम्स एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ से जुड़े करीब 200 से अधिक नर्सिंग अधिकारी सुबह नौ बजे निदेशक कार्यालय के सामने गैलरी में एकत्र हुए। नर्सिंग अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए एम्स प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसएनओ प्रवीन भंडारी ने बताया कि एम्स प्रशासन ने एसएनओ से एएनएस पदों पर पदोन्नति के लिए बीते 10 अक्तूबर को डीपीसी की बैठक आयोजित की लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान आरक्षण रोस्टर लागू नहीं किया गया जिससे आरक्षित वर्ग के करीब 53 नर्सिंग अधिकारी व 11 पदोन्नति से वंचित रह गए। आंदोलित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को बैठक की जानकारी दी गई जबकि आरक्षित वर्ग के नर्सिंग अधिकारियों से यह सूचना छुपाई गई। इतना ही नहीं डीपीसी की बैठक के दौरान एससी/एसटी के लाइजिनिंग अधिकारी को भी शामिल नहीं किया गया। आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण और रोस्टर से संबंधित विषय केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), दिल्ली व अन्य संबंधित मंचों के समक्ष विचाराधीन हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय में भी इस संबंध में शिकायत की गई है। बावजूद इसके एम्स प्रशासन ने किसी विशेष वर्ग के दबाव में डीपीसी की बैठक कराई और आरक्षित वर्ग के नर्सिंग अधिकारियों को इससे वंचित रखा। आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों ने उक्त डीपीसी को तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की है।
मंगलवार से भूख हड़ताल की चेतावनी
आज मंगलवार दोपहर 12 बजे 11 आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों ने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि एम्स प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है और उनके साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों ने कहा कि बीते कुछ दिन पहले संगठन से जुड़े एक एएनएस के साथ सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट भी की है। उन्होंने इस प्रकरण की जांच किए जाने की मांग भी की है।
- आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। जल्द मामला सुलझा दिया जाएगा। डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ, एम्स।