स्वामी चिदानंद सरस्वती से बातचीत करते अभिनेत्री दिप्ति भटनागर। स्रोत परमार्थ मीडिया।
अभिनेत्री और मॉडल दीप्ति भटनागर परमार्थ निकेतन आश्रम में पहुंची। उन्होंने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। गंगा घाट पर आयोजित सांध्यकालीन गंगा आरती में प्रतिभाग किया। स्वामी और साध्वी ने अभिनेत्री को रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
दीप्ति ने कहा कि दिव्य गंगा आरती का दृश्य उन्हें जीवन में आत्मिक जागरूकता और जीवन की पवित्रता का स्मरण कराती है। आधुनिक जीवन की भाग दौड़ में अक्सर लोग अपने अंदर की शांति और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भूल जाते हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का अनुसरण करना और जीवन के प्रत्येक कर्म में नैतिक और आध्यात्मिक दिशा बनाए रखना चाहिए।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जयंती पर कहा कि भगवान महावीर का जीवन और उनके शिक्षण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितना उनके समय में थे। उनका संदेश सरल, लेकिन गहन है। सत्य बोलो, अहिंसा अपनाओ और सभी जीवों के प्रति करुणा रखो।
ये सिद्धांत न केवल व्यक्तिगत जीवन को शांति और संतुलन देते हैं, बल्कि समाज में सामंजस्य, सहिष्णुता और मानव कल्याण को भी सुनिश्चित करते हैं। आधुनिक जीवन की आपाधापी, तनाव और प्रतिस्पर्धा में इन आदर्शों का अनुसरण करके हम आत्मिक शांति और मानसिक स्थिरता प्राप्त कर सकते हैं।