ऋषिकेश। युवती को धमकाने, जबरन कार में बैठाने, अभद्र व्यवहार करने और चेहरे पर तेजाब डालने की धमकी देने के आरोपों से जुड़े मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने आरोपी आफाक को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं किया जा सका।
कोतवाली ऋषिकेश में 12 जुलाई 2021 को एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने पुलिस को बताया कि एम्स ऋषिकेश में अटेंडेंट के पद पर कार्यरत थी। उसने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि आफाक खान निवासी लढौंरा हरिद्वार उसे करीब पांच वर्षों से परेशान कर रहा था। आरोपी बार-बार फोन करता था और मना करने पर जान से मारने व चेहरे पर तेजाब डालने की धमकी देता था।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नौ जुलाई 2021 की रात करीब साढ़े आठ बजे अस्पताल से ड्यूटी समाप्त कर कमरे पर लौटते समय शिवाजीनगर के पास एक कार ने उसका पीछा किया। आरोप के मुताबिक, कार चला रहे आफाक ने उसे जबरन वाहन के अंदर खींच उसके साथ अभद्रता की और चेहरे पर तेजाब डालने की धमकी भी दी। दोनों पक्षों की बहस सुनने व अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने माना कि आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं किया जा सका और आरोपी आफाक को दोषमुक्त करार दिया।