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Rishikesh News: 32 करोड़ से जुड़ेगा देहरादून और टिहरी का आस्था पथ, चंद्रभागा नदी पर बनेगा आर्चब्रिज

Wed, 28 Oct 2026 06:22 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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- 75-75 मीटर लंबे दो स्पैन पर होगा निर्माण, एक माह में शुरू होगा काम
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- पांच साल के रखरखाव के लिए भी बजट का प्रावधान
रजत प्रताप सिंह
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में गंगा किनारे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मायाकुंड और चंद्रेश्वर नगर के आस्थापथ को चंद्रभागा नदी पर आर्चब्रिज बनाकर जोड़ा जाएगा। करीब 32 करोड़ रुपये की परियोजना को यूआईआईडीबी से मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक माह के भीतर निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीडीसीसी) को परियोजना की कार्यदायी संस्था बनाया गया है। योजना के तहत चंद्रभागा नदी पर 150 मीटर (75-75 मीटर के दो स्पान) के आर्चब्रिज का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पर करीब 32 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति मिली है। इसमें लगभग 27 करोड़ रुपये पुल निर्माण पर खर्च किए जाएंगे जबकि शेष धनराशि पांच वर्ष तक रखरखाव के लिए सुरक्षित रखी जाएगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में करीब डेढ़ वर्ष का समय लगेगा। बता दें कि गंगा किनारे विकसित आस्थापथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। देहरादून जनपद में बैराज से त्रिवेणीघाट तक करीब साढ़े तीन किमी लंबा आस्थापथ है। वहीं, टिहरी जनपद में स्वामी नारायण आश्रम से शत्रुघन घाट तक लगभग चार किमी लंबा आस्थापथ विकसित है। मायाकुंड के समीप चंद्रभागा नदी गंगा में मिलती है। नदी पर संपर्क मार्ग नहीं होने के कारण दोनों जनपदों के आस्था पथ एक-दूसरे से कटे हुए हैं। दोनों आस्था पथ के बीच सीधा संपर्क नहीं होने से गंगा किनारे पैदल आवागमन करने वाले स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मुख्य मार्गों से होकर करीब तीन किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें शहर के व्यस्त मार्गों पर जाम की समस्या से भी जूझना पड़ता है। आर्चब्रिज बनने के बाद देहरादून और टिहरी जनपद के आस्थापथ आपस में जुड़ जाएंगे। इससे पर्यटक और श्रद्धालु गंगा किनारे करीब 10 किमी लंबे पैदल मार्ग का निर्बाध आनंद ले सकेंगे। परियोजना पूरी होने पर ऋषिकेश और मुनिकीरेती के बीच पैदल आवागमन सुगम होने के साथ ही धार्मिक व आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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कोट
- पुल निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, एक माह के भीतर कार्य शुरु कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य डेढ़ वर्ष रखा गया है। - एसके सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, यूपीडीसीसी।
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