ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ग्राम सभा खदरी खड़क माफ की सीमा पर गंगा तट के पास मृत मुर्गों के अवशेष फेंके जाने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। इसके अलावा गंगा की स्वच्छता व पर्यावरण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है।
बता दें, मार्च में राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान खदरी के समीप बड़ी मात्रा में मृत मुर्गों के अवशेष मिले थे। इसके विरोध में ग्रामीणों, गंगा स्वच्छता और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद कुछ दिन तक मामला शांत रहा। अब फिर से मृत मुर्गों के अवशेष मिलने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।
पर्यावरण व सामाजिक आंदोलनकारी विनोद जुगलान विप्र का कहना है कि पॉलिटेक्निक के समीप मृत मुर्गे के अवशेष फेंके जाने से वातावरण दूषित होने के साथ गंगा की मर्यादा भंग हो रही है। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर कूड़ा व गंदगी फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध है। पकड़े जाने पर जल अधिनियम के अंतर्गत छ: माह की सजा और डेढ़ लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। ग्राम प्रधान खदरी सरोप सिंह पुंडीर ने प्रशासान से खदरी स्थित गंगा तट पर गंदगी फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर पंचायत सदस्य सुनीता उपाध्याय, नमामि गंगे के प्रदेश प्रमुख कपिल गुप्ता, समाज सेवी आरती गौड़, राजीव थपलियाल, संजीव चौहान, भूपेंद्र राणा, विनोद भट्ट, कौशल किशोर, पंकज गुप्ता, अंकित गुप्ता, दिनेश कुलियाल, श्रीकांत रतूड़ी मौजूद रहे।