आज से शहर में सफाई व्यवस्था लड़खड़ा सकती है, क्योंकि पालिका प्रशासन ने यात्रा सीजन के लिए तैनात 69 सफाई कर्मियों को तय समय सीमा से पहले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके अलावा बीस सफाईकर्मी बीमार होने पर पहले से ही अवकाश पर चल रहे हैं।
स्वच्छ भारत अभियान देशभर में जोरशोर से चल रहा है लेकिन तीर्थनगरी ऋषिकेश के पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दिनोंदिन बद से बदतर होती जा रही है। चार धाम यात्रा के दौरान बेहतर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन की ओर से पालिका को अतिरिक्त बजट दिया जाता है। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए पालिका प्रति वर्ष छह माह के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती करती है।
इस वर्ष भी पालिका ने यात्रा के मद्देनजर मई माह में 69 सफाई कर्मियों की तैनाती की थी। अक्तूबर माह तक इन कर्मियों की तैनाती की गई थी लेकिन साढ़े तीन माह में ही पालिका ने इन कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बीते शनिवार को पालिका प्रशासन ने इन कर्मियों को अब काम पर न आने का फरमान सुना दिया। जबकि पालिका के बीस सफाई कर्मी पिछले एक सप्ताह से वायरल फीवर से पीड़ित होकर अवकाश पर हैं। सफाई कर्मियों के अभाव में नगर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दम तोड़ती नजर जा रही है। आज से सफाई व्यवस्था और अधिक खराब हो सकती है। इस बात की तस्दीक पालिका के मुख्य गेट के समीप बिखरी पड़ी गंदगी को देखकर किया जा सकता है।
बजट की समस्या और अन्य कारणों को लेकर यात्रा सीजन के लिए तैनात 69 सफाई कर्मियों को पहले हटाना पड़ा। यात्रा सीजन से पहले कर्मियों को हटाने का नगर की सफाई व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- विजय प्रताप सिंह चौहान, ईओ नगर पालिका ऋषिकेश