ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती। भारत में महिलाओं ने अपनी काबिलियत के दम पर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया है। महिला हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर सशक्त हैं। समाज व देश के आर्थिक विकास के लिए महिलाओं को हर स्तर पर और अधिक सशक्त होने की आवश्यकता है। यह बात जल बिरादरी की प्रदेश अध्यक्ष बीना चौधरी ने अमर उजाला के मिशन अपराजिता कार्यक्रम के दौरान कही। मंगलवार को चौदहबीघा स्थित सामुदायिक केंद्र में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जल विरादरी की प्रदेश अध्यक्ष बीना चौधरी ने किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाएं पुरुष प्रधान समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। अनादिकाल से समाज में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। अपनी काबिलियत के दम पर महिलाओं ने इतिहास के पन्नों पर अपना नाम अमर किया है। समाज को सशक्त बनानेे में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। वर्तमान में अपना आत्म विश्वास बनाने में महिलाएं काफी हद तक सफल हो रही हैं। वह हर क्षेत्र में आगे बढ़कर पुरुषों का सामना कर रही हैं। यही नहीं भारत की सीमाओं पर भी डटकर भारत मां की रक्षा कर रही हैं।
- वर्तमान में महिलाएं शिक्षित होकर अपनी मंजिल को पाने में सफल हो रही हैं। सफलता को हासिल करने के लिए महिलाओं के लिए शिक्षा ही सबसे बड़ा माध्यम है। अशिक्षित महिलाएं अक्सर समाज में शोषण का शिकार बन जाती हैं।
- इंद्रा आर्य समाज सेविका
- जनजागरुकता के अभाव के कारण अभी भी लोग महिलाओं को घर से बाहर भेजने से कतराते हैं। ऐसे लोगों की मानसिकता को बदलने की जरूरत है। यह जनजागरुकता से ही संभव हो सकेगा। इसके लिए महिलाओं को ही पहल करनी चाहिए।
- दीपा भट्ट गृहणी
- महिलाओं को अपना रास्ता चुनने की आजादी होनी चाहिए। वह सामाजिक कार्य के अलावा गृहणी बन कर भी समाज व परिवार को सुदृढ़ बना सकती हैं। इसके लिए पुरुष प्रधान की मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता है।
- नीमा पंवार गृहणी
- समाज में बेटों और बेटियों में फर्क करने की मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। जबकि समाज में बेटों से अधिक बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है। चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो या कार्य के क्षेत्र में।
- आरती चौहान समाज सेविका
- दहेज प्रथा, बाल विवाह, महिलाओं का अशिक्षित होना, समाज में बराबरी का हिस्सा न होना, भ्रूण हत्या, यौन शोषण और सामाजिक शोषण जैसे अनेक बुराइयों ने महिलाओं को असुरक्षित कर दिया है। इसे रोकने के लिए महिलाओं को जागरूक होना पड़ेगा।
- मीना मदवाण समाज सेविका