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गरीबी का दलदल भी नहीं रोक पाया अनुप्रीत के खेलते कदम

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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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रायवाला। चकजोगीवाला के संसाधनहीन परिवार की अनुप्रीत कौर की सफलता की राह तमाम मुश्किलें भी रोक नहीं पाईं। गांव के भारती शिक्षा निकेतन की कक्षा नौ की छात्रा अनुप्रीत कौर ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बूते खेल जगत के कई खिताब हासिल किए। अनुप्रीत की सफलता में मां का पूरा सहयोग रहा।
भारती शिक्षा निकेतन के प्रधानाचार्य और कोच जठे सिंह चौहान ने बताया कि अनुप्रीत कौर बहुत ही गरीब परिवार से है। तीन साल पहले उसके पिता ट्रैक्टर पर मजदूरी करते हुए हादसे के शिकार हो गए थे। सिर से पिता का साया उठने के बाद मां रजविंदर कौर ने मशरूम फैक्ट्री में मेहनत मजदूरी करके तीन बच्चों का पालन पोषण किया। अनुप्रीत की बड़ी बहन जसप्रीत कौर 10 वीं कक्षा में शिक्षा ले रही है। छोटा भाई तरविंदर सिंह भारती शिक्षा निकेतन में ही शिक्षा ग्रहण कर रहा है।
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खेल और पढ़ाई दोनों में अव्वल
पढ़ाई में होनहार अनुप्रीत कौर अपने उम्दा प्रदर्शन से चार बार खो-खो, दो बार वॉलीबाल, दो बार योग, एक बार हैंडबाल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम का हिस्सा रह चुकी है। पहली बार अनुप्रीत कौर 8 से 12 फरवरी तक हरियाणा में होने वाली नेशनल एथेलेटिक्स की 200, 400 और 600 मीटर दौड़ में भी प्रतिनिधित्व करने जा रही है।
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