गुरु पूर्णिमा पर नीलकंठ धाम में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह से शाम तक नीलकंठ मंदिर में करीब 25 हजार शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। कांवड़ यात्रा का आगाज होते ही आज 11 जुलाई से नीलकंठ धाम में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ेगी। नीलकंठ धाम में शिवभक्तों को कोई परेशानी न हो इसके लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं चाकचौबंद किए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को नीलकंठ पैदल मार्ग हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। सुबह से ही मंदिर परिसर में जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर ऊं नम: शिवाय के मंत्रोच्चार के साथ गूंजता रहा।
गुरु पूर्णिमा पर नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिवभक्तों की भीड़ बढ़ गई। सुबह से शाम तक नीलकंठ मंदिर में करीब 25 हजार शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। मंदिर के पुजारी शिवानंद गिरी ने बताया कि नीलकंठ धाम में शिवभक्तों का जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया है। शिवभक्तों के लिए मंदिर के कपाट खुले हैं। भगवान शिव के शृंगार के समय ही मंदिर के कपाट करीब आधा एक घंटे के लिए बंद किए जाते हैं।
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जानकी सेतु पर चरमराई व्यवस्था
शिवभक्तों की भीड़ बढ़ने से जानकी सेतु पर आवाजाही की व्यवस्था चरमरा गई। टिहरी और पौड़ी की सीमा को जोड़ने वाला जानकी सेतु पर लक्ष्मणझूला पुलिस और मुनि की रेती पुलिस का कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं दिखा। दोपहिया वाहनों की आवाजाही वाले मार्ग पर शिवभक्तों की आवाजाही शुरू हो गई, जिससे दिनभर पुल पर जाम की स्थिति बनी रही।