500 और 1000 रुपये की करेंसी बंद होने और 9 नवंबर को बैंक बंद होने के बाद बृहस्पति को बैंक व डाकघरोें में भारी भीड़ देखने को मिली। पहले ही दिन अलग अलग बैंकों में अनुमानित 22 करोड़ जबकि डाकघरों में 70 लाख की करेंसी जमा हुई है। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। तीर्थनगरी के बैंको में मेले जैसा माहौल रहा। हर कोई घर में रखे बड़े नोटो को लेकर बैंक पहुंचा।
लोगों को बैंकों में कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए बैंको ने अतिरिक्त इंतजाम किए। देर शाम तक बंद हुए नोटो को जमा करने की होड़ रही। स्टेट बैंक रेलवे रोड मुख्य शाखा के प्रबंधक विश्वमोहन मिश्रा ने बताया कि पहले दिन शाखा में अनुमानित 15 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। एसबीआई लक्ष्मणझूला रोड शाखा के प्रबंधक विवेक उनियाल ने अनुमानित चार करोड़ और पीएनबी देहरादून रोड मुख्य शाखा के सहायक महाप्रबंधक डॉ. अरुण कुुमार गोयल ने अनुमानित तीन करोड़ रुपये जमा होने की बात कही है। त्रिवेणीघाट रोड स्थित मुख्य डाकघर के प्रभारी पोस्टमास्टर मनोज जैन ने बताया कि पहले दिन 70 लाख रुपये जमा हुए हैं।
36 अतिरिक्त काउंटरों पर जमा हुई करेंसी
रेलवे रोड स्थित एसबीआई मुख्य शाखा में 500 और 1000 रुपये के नोटों को जमा करने और बदलवाने के लिए 11 अतिरिक्त काउंटर, लक्ष्मणझूला रोड स्थित एसबीआई शाखा में छह, दून मार्ग स्थित पीएनबी मुख्य शाखा में छह, हरिद्वार रोड पीएनबी शाखा में चार, पीएनबी वीरभद्र में पांच और पीएनबी बड़ी सब्जी मंडी में चार अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था की गई।
रुपये एक्सचेंज को भरा फार्म
बैंकों में पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट को बदलने से पहले लोगों को एक निर्धारित फार्म भरना पड़ा, जिसमें खातेदार को अपना पूरा ब्यौरा व बदले जाने वाले नोटों का ब्यौरा दर्ज किया गया। निर्धारित फार्म भरने के साथ एक आईडी प्रुव प्रस्तुत करने पर नोट आसानी से एक्सचेंज हो जाएंगे। एक ग्राहक को एक दिन में सिर्फ चार हजार रुपये एक्सचेंज करने का प्रावधान है।
रेलवे में आज तक मोहलत
रेलवे में सामान्य और आरक्षित टिकट के लिए लोगों से सिर्फ शुक्रवार तक ही पांच और एक हजार रुपये के नोट स्वीकार किए जाएंगे। मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक पीएस रवि ने कहा है कि शनिवार से नए नोट ही चलेंगे।
रजिस्ट्री कार्य में 20 लाख का नुकसान
तहसील परिक्षेत्र में स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में बृहस्पतिवार को सन्नाटा रहा। जहां प्रतिदिन औसतन 30 रजिस्ट्रियां होती थी, उसकी जगह महज तीन भूमि का ही पंजीकरण हुआ। रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने से अनुमानित 20 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है।