ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास व स्वाभिमान के साथ खड़ा होकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सबका कर्तव्य है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। यह बात विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कही। रविवार को मुनिकीरेती स्थित श्री दर्शन संस्कृत महाविद्यालय में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय व भारतीय पुनर्वास परिषद् दिल्ली के तत्वाधान में दिव्यांगों की शिक्षा व पुनर्वास के क्षेत्र में अनुसंधान पर कार्यशाला संपन्न हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूरे देश में दिव्यांगों की संख्या 2.5 प्रतिशत से अधिक है। 18 हजार दिव्यांग बच्चे राज्य में संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि विज्ञान, गणित, इतिहास आदि विषयों में शोध बहुत हुए हैं। वर्तमान में दिव्यांगों को सशक्त करने की आवश्यकता है। कई ऐसे उदाहरण हैं जिन्होंने दिव्यांगता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। इनमें महान कवि सूरदास, वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंस, भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित इरा सिंघल शामिल हैं। इस अवसर पर उच्च शिक्षा उन्नयन समिति की उपाध्यक्ष दीप्ति रावत, नगर पालिका मुनिकीरेती के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, निदेशक प्रोफेसर आशीष मिश्र, चेतन शर्मा, दर्शन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राधा मोहन दास, कार्यक्रम संयोजक सिद्धार्थ पोखरियाल, डॉ. पूजा जुयाल, सुभाष रमोला, डॉ. मनीषा पंत, डॉ. नरेंद्र, डॉ. श्याम सिंह कुंजवाल आदि मौजूद थे।