ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नगर निगम में अधिकारियों की लापरवाही से शासनादेश लागू न करने पर हुई 2 करोड़ 5 लाख 8 हजार की क्षति मामले में मेयर अनिता ममगाईं ने सख्त रुख अपना लिया है। मेयर ने मुख्य नगर आयुक्त को आदेश जारी कर सभी 187 दुकानों के किराएदारों को नोटिस भेजने को कहा है। सभी दुकानों से वर्ष 2014 शासनादेश के मुताबिक सर्किल रेट के हिसाब से किराया वसूल किया जाएगा। सभी दुकानों का पुरानी दरों पर किराया बंद कर दिया गया है। नोटिस तैयार कर मुख्य नगर आयुक्त को हस्ताक्षर के लिए भेज दिए गए हैं। सभी दुकानदारों को शनिवार को उक्त नोटिस थमा दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में शासनादेश जारी हुआ था कि बाजार दरों पर दुकानों से किराया वसूली किया जाए। अधिकारियों ने दुकानों के किराएदारों पर दरियादिली दिखाते हुए शासनादेश को दरकिनार कर दिया और चार साल तक नई दरें लागू ही नहीं की। अब नगर पालिका से उच्चीकृत हो निगम बनने के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ तो गड़बड़ी सामने आई। ‘अमर उजाला’ ने इस गड़बड़ी का खुलासा किया है।
दुकानें बेच डाली और दिखाई पार्टनरशिप
इस मामले में नया खुलासा यह भी हुआ है कि कई दुकानदारों ने दुकानें बेच डाली हैं। निगम को अंधेरे में रखने के लिए मूल किराएदार और दुकान खरीदार के बीच पार्टनरशिप दिखा रखी है, जिससे दुकान बेचने का पता न लग सके। नए प्रस्ताव के मुताबिक दुकानों का आवंटन रद्द करने की भी तैयारी है। निगम में इस गड़बड़ी और खुलासे को लेकर शुक्रवार को काफी चर्चा रही।
15 साल से किराया नहीं दिया, बकाया हुआ 1 करोड़
अनदेखी का आलम यह भी है कि काली मंदिर के समीप घाट रोड स्थित एक दुकानदार ने पिछले 15 साल से किराया ही नहीं दिया। पूर्ववर्ती पालिका प्रबंधन ने यहां नाला बनाया था। उसके ऊपर व्यवसायी ने अपनी दुकान बना ली। निगम प्रशासन का तर्क है कि दुकानदार द्वारा जमीन का उपयोग किया जा रहा है, लिहाजा किराया अदा करना चाहिए। उधर, दुकानदार की दलील है कि निगम की दुकान है ही नहीं तो किराया किस बात का। इस रार में पिछले साल से किराया बकाएदारी बढ़कर करीब 1 करोड़ हो गई है। इस संदर्भ में भी एसडीएम को प्रस्ताव भेजा गया है कि दुकानदार को नोटिस भेजकर किराया वसूली हो।
कोट्स
सहायक नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि अनियमितता बरतने के कारण निगम को जो भी आर्थिक क्षति हुई है उसकी जवाबदेही तय करें। इसके साथ ही दुकानें बेचने, शासनादेश लागू न होने सहित किराया वसूली न हो पाने के कारणों की जांच की जाएगी। जल्द ही जांच टीम गठित कर दी जाएगी। जो भी कर्मचारी या अफसर दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई हर हाल में होगी।
- अनिता ममगाईं, मेयर, नगर निगम ऋषिकेश
मेरे पास प्रस्ताव आ गया है। निरीक्षण करने के बाद नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। ये काफी बड़ा मामला है। पूरी तरह से निगम में पारदर्शी प्रणाली लागू हो सके, इसके लिए प्रकाश में आई गड़बड़ियों की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
- प्रेम लाल, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश
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बिना अनुमति दुकानें बेचने की हो जांच
ऋषिकेश। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल कुमार गुप्ता ने नगर निगम की दुकानों को अवैध तरीके से बेचने के आरोप में मुख्य नगर आयुक्त प्रेम लाल को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऋषिकेश के स्वामित्व वाली 187 दुकानों में से ज्यादातर दुकानों का मूल स्वरूप परिवर्तित हो चुका है। इन दुकानों में से ज्यादातर दुकानें मूल आवंटियों की ओर से बेच दी गई हैं। जवाहर मार्केट, मैमो भाई की धर्मशाला, नाभा हाउस, सरस्वती मार्केट की दुकानें तथा नगर निगम की अन्य दुकानों पर किराएदार काबिज हैं। सरस्वती नाले पर एक फूल वाले ने दुकान के दो हिस्से कर रखे हैं। एक फुटवियर वाली दुकान को दो मंजिला कर दिया गया है।