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40 संपतियों की फाइलों पर मारी कुंडली

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ब्यूरो/अमर उजाला। ऋषिकेश। नगर निगम में 40 संपत्तियों की फाइलें एक साल से लटकी हुई हैं। इन फाइलों को निस्तारण के लिए कार्यालय में रखने की बजाए मुख्य नगर आयुक्त सरकारी वाहन में लेकर घूम रहे हैं। अब इन बेशकीमती फाइलों पर भूमाफियाओं और निगम प्रशासन की निगाहें गढ़ी हुई हैं। पिछले एक साल से करीब 600 से अधिक टैक्स म्यूटेशन की फाइलें लंबित पड़ी हुई थी। कभी बोर्ड भंग के कारण तो कभी निकाय चुनाव के बहाने इनका निस्तारण नहीं हो पाया।
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इसका कारण प्रापर्टियों की चेन का पता न लग पाना, स्टाफ की कमी, नगर पालिका बोर्ड का भंग होना तथा निकाय चुनाव का होना भी रहा। अब निकाय चुनाव संपन्न हो जाने के बाद यहां मुख्य नगर आयुक्त की भी नियुक्ति हो चुकी है। एमएनए की नियुक्ति के बाद म्यूटेशन की फाइलों का संज्ञान लिया गया और टैक्स के दायरे में लाई गईं। मगर, 40 फाइलें ऐसी हैं जिन्हें न तो रद्द किया जा रहा है, न ही टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है। वजह यह है कि इनमें से ज्यादातर फाइलें आश्रमों की हैं। इनके ट्रस्टी या तो दिवंगत हो चुके हैं या फिर बाहर रहते हैं। अंदरखाने इन्हें चहेतों के नाम करने की साजिश चल रही है जिससे बेचकर व्यावसायिक निर्माण किया जा सके।

पूर्व में पालिका प्रबंधन पर लगे थे आरोप
गौरतलब है कि पूर्व में पालिका प्रबंधन के दौरान भी आश्रम की संपत्तियों को खुर्दबुर्द करने के आरोप लगे थे। निकाय चुनाव के दौरान भी यह मुद्दा छाया रहा। वर्तमान मेयर अनिता ममगाईं ने भी घोषणा की थी कि निकाय चुनाव जीतने के बाद वह खुर्दबुर्द हुई संपत्तियों की जांच करवाएंगी। मौजूदा हालात यह है कि 40 फाइलें एमएनए प्रेमलाल के साथ उनकी गाड़ी में सफर कर रही हैं। यह भी वही फाइलें है जिनके मूल आवंटी का अता पता नहीं है। जांच के नाम पर इन फाइलों को गोपनीयता के दायरे में रखकर नए सिरे से आवंटन की बुनियाद तैयार की जा रही है।
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साजिशों के फेर में निगम कोष को लग रहा पलीता
निगम की टैक्स सुपरिटेंडेंट (टीएस) निशात अंसारी के मुताबिक म्यूटेशन के ज्यादातर मामले निपटा दिए गए हैं। सभी फाइलें मुख्य नगर आयुक्त के सुपुर्द हस्ताक्षर के लिए भेज दी गई हैं। उनमें से 40 फाइलों की निगरानी मुख्य नगर आयुक्त खुद कर रहे हैं। वह जब मंजूरी देंगे तो इन संपत्तियों को भी टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। गौरतलब है कि गृह कर के रूप में अभी निगम को कुल 70 लाख रुपये प्रतिमाह आय प्राप्त हो रही है। सूत्रों के मुताबिक अभी करीब 150 फाइलें हैं जिन्हें निगम अफसरों ने दबा कर रखा है। इनमें वह 40 फाइलें भी है, जो मुख्य नगर आयुक्त की निजी निगरानी में है। उपरोक्त सभी फाइलों का निस्तारण हो जाता है तो निगम की प्रतिमाह करीब 15 लाख रुपये की आमदनी बढ़ जाएगी।
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कोट्स
म्यूटेशन की लंबित फाइलों के बारे में जानकारी नहीं है। अगर फाइलें लंबित पड़ी हैं तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
अनिता ममगाईं, मेयर, नगर निगम।

यह अंदरूनी मामला है। हम आपको नहीं बता सकते है। फाइलें मेरे पास हैं, उनका समाधान तलाशा जा रहा है।
प्रेम लाल, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम।
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