ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
हले समय में कहा जाता था कि पढ़ाई करने से बच्चे का भविष्य सुधरता है, लेकिन खेल कूदने से बच्चा कहीं का नहीं रहता है। इसी कारण माता-पिता अपने बच्चों को खेल कूद से दूर रखते थे। अब जमाना बदल चुका है। अब खेल कूद के जरिए भी बच्चों का भविष्य बन सकता है। वे इस क्षेत्र में भी नाम कमा सकते हैं।
ये बातें शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बृहस्पतिवार को श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में कहीं। विद्यालय के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, मेयर अनीता ममगाईं ने किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब...खेलोगे कूदोगे बनोगे लाजवाब का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। मेयर अनीता ममगाईं ने कहा कि डॉक्टर बनो, इंजीनियर बनो, शिक्षक बनो, नेता बनो, लेकिन इन सबके ऊपर है एक अच्छा इंसान जरूर बनो। इस मौके पर प्रधानाचार्य दिवाकर भानु प्रताप सिंह रावत की मौजूदगी में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय क्रीड़ा के पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मेजर गोविंद सिंह रावत, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, खेल शिक्षक विकास नेगी, खेल कोच प्रवीण रावत, सुनील दत्त थपलियाल, अरविंद शाह, लखविंदर सिंह, रंजन अंथवाल, शालिनी कपूर, सुशीला बड़थ्वाल, संगीत शिक्षिका ज्योतिर्मय शर्मा, नीलम मनुडी, संजीव चौधरी, संजीव कुमार, धनंजय रांगड़, नवीन मैंदोला, रमेश बुटोला, विवेक शर्मा, अजय कुमार, हरी आदि उपस्थित रहे।