ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तहसील में शनिवार को आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए लोग भटकते रहे। ज्यादातर राजस्व निरीक्षकों के नदारद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत स्कूलों में बच्चों के एडमिशन के लिए अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र की जरूरत थी, लेकिन वह परेशान रहे।
राजस्व निरीक्षकों की हड़ताल समाप्त हुए दो दिन हो चुके हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर अभी तक काम पर नहीं पहुंचे हैं। शनिवार को तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो के अलावा अधिकांश राजस्व निरीक्षक नदारद थे। कुछ राजस्व निरीक्षकों ने क्षेत्र में रहने का हवाला दिया तो कुछ ने अवकाश का। कुछ के फोन बंद रहे। इससे तहसील में आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए पहुंचे लोगों को पूछताछ के लिए बार-बार इधर-उधर भटकना पड़ा। वृद्घा पेंशन सत्यापित कराने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
तहसील ऋषिकेश में रजिस्ट्रार कानूनगो समेत सात राजस्व निरीक्षकों की तैनाती है। इसमें एक राजस्व निरीक्षक को दो क्षेत्रों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। भाजपा के पूर्व जिला मंत्री राकेश पारछा ने बताया कि ऋषिकेश में राईट टू एजूकेशन के तहत स्कूलों में एडमिशन की तिथि 30 जून रखी गई थी। 25 प्रतिशत से अधिक बच्चे एडमिशन का लाभ उठाते हैं। इसके लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।
आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए राजस्व निरीक्षक कागजों की जांच करते हैं। इसमें करीब सप्ताह भर का समय लगता है। हाथों हाथ आय प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
रेखा आर्य, तहसीलदार