केंद्रीय मंत्री के सामने आपस में भिड़े विस अध्यक्ष और दर्जाधारी मंत्री
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और दर्जाधारी राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के बीच हुए विवाद में संगठन अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की तैयारी में है। दर्जाधारी राज्यमंत्री को पद से हाथ भी धोना पड़ सकता है। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए ऋषिकेश पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने शनिवार को इस बात के संकेत दिए। विस अध्यक्ष पद को गरिमापूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है। दर्जाधारी मंत्री के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संगठन स्तर पर राज्य मंत्री की ओर से लगातार विधानसभा अध्यक्ष पर लगाए गए आरोप और अभद्र भाषा के प्रयोग को बेहद गंभीरता से लिया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष का पद गरिमापूर्ण होता है। ऐसे में संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत वैमनस्य में अभद्र भाषा का प्रयोग करना अशोभनीय है। कोई भी व्यक्ति अगर विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा को कम करता है, गालीगलौज करता है, सार्वजनिक मंच से अभद्र भाषा का प्रयोग करता है तो यह अक्षम्य है। श्याम जाजू ने तल्ख लहजे में कहा कि जो भी व्यक्ति पद की गरिमा के खिलाफ काम करेगा, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा अनुशासन पसंद पार्टी है। संवैधानिक पद की गरिमा कायम रहनी चाहिए। इसके लिए राज्यमंत्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री पद भी छीनेे जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्रवाई जरूर होगी।
स्वागत की होड़ में हुई थी तू-तू मैं-मैं
बीते 13 जून को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तीर्थनगरी पहुंचे थे। इसी दौरान विस अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल और दर्जा धारी मंत्री भगतराम कोठारी चंदेश्वर नगर तिराहा पर केंद्रीय मंत्री का स्वागत करने पहुंचे थे। स्वागत की होड़ में दोनों पदाधिकारियों में केंद्रीय मंत्री के सामने ही गालीगलौज शुरू हो गई। मामला यहीं नहीं थमा। दूसरे दिन एक संगठन के कार्यक्रम में पहुंचे राज्यमंत्री भगत राम कोठारी ने विधानसभा अध्यक्ष पर दोबारा हमला बोलते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इन सभी बयानों का वीडियो भी वायरल हुआ था।