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एसएचओ सकलानी नहीं टीचर जी पुकारिये

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। समय-सुबह के पांच बजे...। स्थान-पूर्णानंद खेल मैदान।
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दीवार पर नक्शा टांगे एक चुस्त दुरुस्त टीचर बच्चों को भूगोल की जानकारी दे रहे हैं। बच्चे भी तन्मयता से ‘टीचरजी’ को सुन रहे हैं। यह कोई सामान्य टीचर नहीं बल्कि मुनिकीरेती थानाध्यक्ष राम किशोर यानी आरके सकलानी हैं, जो पुलिस की व्यस्त नौकरी बजाते हुए भी हर रोज सुबह पांच से सात बजे तक दो घंटे 150 के करीब बच्चों, युवाओं को रीजनिंग सिखा रहे हैं। इतिहास और भूगोल की जानकारी दे रहे हैं। वह उन्हें फिजिकल ट्रेनिंग भी दे रहे हैं ताकि उनके पढ़ाए युवा किसी भी शारीरिक परीक्षा से हंसकर गुजरें। साल भर के भीतर उनके तैयार किए 12 युवा सेना में भर्ती हो चुके हैं।

एफबी पेज पर 11 हजार युवा जुड़े
युवाओं को सही राह दिखाने के लिए सकलानी ने लिए उन्होंने फेसबुक पर ‘इंस्पायरिंग यंग उत्तराखंड आरके सकलानी’ नाम से पेज भी बनाया है। कम अवधि में ही उनके से करीब 11 हजार युवा जुड़ गए हैं। इस पेज के जरिये भी वह युवाओं के सवालों का जवाब देते हैं।
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ग्रेजुएशन के बाद बीएड किया था
थानाध्यक्ष आरके सकलानी के मुताबिक उन्होंने ग्रेजुएशन करने के बाद चाइल्ड एंड एडल्ट साइकोलॉजी विषय में बीएड किया था। 15 से 35 साल की उम्र ही फिसलन भरे रास्ते पर ले जाती है। इस उम्र में सही गाइडेंस मिले तो युवाओं को अपराधी बनने से रोका जा सकता है।
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कम अंक हैं तो भी गम न करें
कम अंकों की वजह से हीनभावना महसूस करने वाले युवाओं को सकलानी अपनी मिसाल देकर हौसला बढ़ाते हैं। उनके 12वीं कक्षा में महज 47 प्रतिशत अंक आए थे। युवा सकलानी से पढ़ाई से लेकर प्यार और निजी जिंदगी के कई साले मसलों पर राय लेते हैं।
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