ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। राजकीय चिकित्सालय चिकित्सकों की कमी के कारण खुद वेंटीलेटर पर चल रहा है। चार धाम यात्रा और हर समय देशी विदेशी पर्यटकों की आमद वाली तीर्थनगरी के सरकारी अस्पताल में एक भी हार्ट स्पेशलिस्ट की तैनाती नहीं है। इन दिनों चार धाम यात्रा चरम पर है। इस सीजन में ऋषिकेश और गढ़वाल क्षेत्र में हार्ट अटैक के कारण अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। हालात ये हैं कि कार्डियोलॉजी विभाग में मौजूद लाखों के चिकित्सा उपकरण धूल फांक रहे हैं। यात्रियों की सुविधाओं के लिए गढ़वाल आयुक्त ने सभी विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए थे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी डॉक्टरों की तैनाती करने को कहा था। हालत यह हैं कि सरकारी अस्पताल में अभी भी नौ पद डॉक्टरों के खाली पड़े हैं। बीते बुधवार को चारधाम जाने वाले एक राजस्थानी यात्री की तबियत खराब होने से चमोली से वापस बीटीसी लाया गया था। यहां इलाज न मिलने के अभाव में मरीज की मौत हो गई थी। पूर्व में भी कई यात्री हार्टअटैक का शिकार हो चुके हैं।
सुविधाएं मौजूद लेकिन डॉक्टर नहीं
सरकारी अस्पताल में दिल के रोगियों के आईसीयू की सुविधा उपलब्ध है। कार्डियोलॉजिस्ट न होने से यह बंद पड़ा है। करीब तीन सालों से भी अधिक समय होने के कारण यहां रखे उपकरण धूल फांक रहे हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक एनएस तोमर के अनुसार 2016 में डॉ. ऋचा थपलियाल के बाद यहां पर किसी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है।
बीटीसी परिसर में केवल फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा
बीटीसी में खोले गए मेडिकल रिलीफ सेंटर में यात्रियों के लिए फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर ब्लड प्रेशर, भाप देने की मशीन, व्हील चेयर आदि उपलब्ध हैं। दिल के रोगियों के लिए यहां भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
वर्तमान मेें इन रोगों के चिकित्सकों हैं तैनात
सरकारी अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस तोमर, सर्जन डॉ. विजयेश भारद्वाज, एनेस्थेटिक डॉ. अशोक कुमार गैरोला, पैथोलोजिस्ट डॉ. मुकेश कुमार पांडे, फिजिशियन डॉ. सुरेश कोठियाल, रेडियोलोजिस्ट डॉ. उत्तम सिंह खरोला, हड्डी रोग डॉ. एमपी सिंह, स्किन बर्न डॉ. एसके पंत, आई सर्जन डॉ. बीएस टोलिया, बाल रोग डॉ. रोहित उपाध्याय, आकस्मिक चिकित्साधिकारी डॉ. पीपी गर्ग, महिला चिकित्साधिकारी डॉ. शुभा, डॉ. शिल्पी गुप्ता और डॉ. निधि उपाध्याय, जीडीएमओ डॉ. सीसी त्रिपाठी, दंत शल्यक डॉ. नीना सैनी तैनात हैं। इनमें गाइनोकॉलोजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट के डॉक्टर नहीं हैं।
केस - 1. पांच जून को चारधाम जाने वाले एक राजस्थानी यात्री को दिल का दौरा पड़ने पर चमोली से वापस बीटीसी लाया गया था। यहां इलाज न मिलने के अभाव में मरीज की मौत हो गई थी।
केस -2 बीती 15 मई को भटवाड़ी के समीप एक बस ड्राइवर की हार्टअटैक से मौत हो गई थी। गनीमत रही कि ड्राइवर ने हार्ट हटैक आने से पहले बस किनारे खड़ी कर दी, जिससे 30 यात्रियों की जान बच गई।