ब्यूरो/ अमर उजाला, ऋषिकेश। रामझूला स्थित नावघाट में बोट संचालक पर्यटकों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। वह अपने अनुभव का हवाला देते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। पर्यटक भी बोट संचालकों की इस मनमानी से त्रस्त हैं। सब कुछ देखने के बावजूद पुलिस प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
रामझूला, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। गर्मी के दिनों में यह क्षेत्र देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहता है। बड़ी संख्या में पर्यटक बोटिंग का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। लेकिन यहां बोट संचालक पर्यटकों की जान जोखिम में रख उन्हें लोहे के जाल से बोट में जाने दे रहे हैं, जबकि गंगा का पानी जाल के ऊपर से निकल रहा है। उन्हें लाइफ जैकेट भी नहीं पहनाई जा रही। लोगों को मांगने के बावजूद बोट संचालक इसे नजरअंदाज करते हैं।
बोटिंग के दौरान सुरक्षा के मानक
बोट कहीं से टूट फूट न होना, फूली हुई ट्यूब होना, सही कंडीशन में लाइफ जैकेट का होना, बोट में ओवर लोडिंग न होना, जलस्तर बढ़ने पर बोट का संचालन बंद रखना आदि सुरक्षा मानकों के पूरा होने पर नदी में बोट का संचालन किया जाता है।
ओवरलोड भी भरे जाते हैं पर्यटक
एक वोट में करीब 65 लोगों एक साथ बोटिंग कर सकते हैं। लेकिन बोट संचालकों के द्वारा सुरक्षा के मानकों को धता बताकर बोट को ओवरलोड कर नदी में उतारा जाता है। पूर्व में ओवरलोड वोट के कारण कुछ वर्ष पूर्व भी एक हादसा हो चुका है। इसमें बीच गंगा में पर्यटकों से भरी एक बोट का इंजन बंद हो गया था, जिसमें दूसरी बोट की सहायता से लोगों को बचाया गया था।
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हम लोगों को बीस वर्ष से अधिक का अनुभव है। हजारों पर्यटक यहां प्रतिदिन आते हैं और बोटिंग करते हैं। सुरक्षा के लिए यहां एक स्पीड रेस्क्यू बोट को भी रखा गया है।
अंकित कुकरेजा, काउंटर कर्मी
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इस संबंध में शिकायत मिली है। मौके का निरीक्षण कर बोट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बोटिंग के दौरान प्रयोग में आने वाले सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया जाएगा। पर्यटकों के मामले किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आरके सकलानी, थानाध्यक्ष मुनिकीरेेती