कांवड़ यात्रा सिर पर है, लेकिन नीलकंठ महादेव मंदिर की राह दुश्वार बनी है। लक्ष्मणझूला कांड़ी स्टेट हाइवे पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। आलम यह है कि कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन इस इस मार्ग को लगातार नजर अंदाज कर रहा है। वह भी जब जबकि करीब दो सौ गांव इस रास्ते पर पड़ते हैं।
लक्ष्मणझूला से दोबाटा तक, पांडव गुफा, बजरीखाल, गरूणचट्टी गदेरा के पास, सुरंगीभेल, फूलचट्टी, रत्तापानी, घट्टूगाड़, पीपलकोटी और जुड्डामौन के पास काफी खराब स्थिति में है। यही हाल सुरंगी भेल का भी है। इस जगह को प्रशासन ने डेंजर जोन घोषित किया हुआ है। इस स्थान पर गंगा घाटी की तरफ सुरक्षा दीवार विगत बीते दो साल में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, इस स्थान पर पहले भी दुर्घटना घट चुकी है।
कई जगह सड़क भी धंसी है और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे है। लेकिन यात्रियाें की 24 घंटे आवाजाही के बावजूद संबंधित विभाग सुरक्षा उपायोें को लेकर गंभीर नहीं। कांवड़ यात्रा के दौरान देश विदेश से लाखों श्रद्धालु नीलकंठ धाम पहुंचेंगे। इस मार्ग की हालत न सुधरी तो समझा जा सकता है कि उन्हें किस तरह की दिक्कतें भुगतनी होंगी।
गड्ढों में मिट्टी भर खानापूर्ति कर रहा विभाग
समाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, स्वयंबर रावत, भगत सिंह पयाल और रविंद्र नेगी के मुताबिक संबंधित विभाग गड्ढों में मिट्टी भरकर खाना पूर्ति कर रहा है, जो कुछ ही दिनों में उखड़ जाती है। कई बार मौखिक और लिखित रूप से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन आज तक सड़क की मरम्मत नहीं हुई।
टेंडर हुए, जल्द शुरू होगा काम
वर्तमान में पांच किलोमीटर तक सड़क मरम्मत के लिए बजट पास हुआ है। इसके लिए टेंडर भी हो चुके हैं। बहुत जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा पीपल कोटी और खैरखाल में जहां पर सड़क बहुत खराब थी, वहां की मरम्मत कराई गई है।
- जगमोहन सिंह पंवार, जेई लक्ष्मणझूला