फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंदा जुटाकर बुझेगी जंगली जानवरों की प्यास

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग के पास पर्याप्त बजट नहीं है। वन विभाग ने जंगलों में वॉटर हॉल तो बना दिए हैं लेकिन इसमें पानी भरने के लिए स्थानीय लोगों के चंदे पर निर्भर होना पड़ रहा है। जून की तपती धूप में वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए एक बार फिर वन विभाग ने स्थानीय लोगों से मदद की गुुहार लगाई है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए रेंज अधिकारी आरपीएस नेगी ने क्षेत्रवासियों से जंगलों में पानी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
विज्ञापन

ऋषिकेश रेंज के अंतर्गत वन विभाग ने जंगली जानवरों के पानी पीने के लिए करीब नौ जगहों पर वाटर हॉल बनाए हैं। बीवीवाला, लालपानी, ऋषिकेश बीट, तीन वाटर हॉल सौ फुटी के पास और तीन वाटर हॉल घने जंगलों में बनाए गए हैं। दो खुरली (पानी पीने की हौज) भी सौ फुटी के पास बनाई गई हैं। बीवीवाला, लालपानी, ऋषिकेश बीट में स्थित वाटर हॉलों के लिए बजट के अभाव में भीषण गर्मी में भी दो दिनों में पानी का टैंकर भेजा जाता है। घने जंगलों में स्थित तीन वाटर हॉल बरसात के भरोसेे हैं, लेकिन इन वाटर हॉल के सूखने के बाद कई बार जंगली जानवर शहर का रुख कर बैठते हैं।
बजट के अभाव के चलते वन विभाग जंगली जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करने में जुटा है। ऋषिकेश रेंज अधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि बीते वर्ष तक स्थानीय लोगों की सहायता से जंगली जानवरों के लिए पीने के पानी के टैंकर दिए गए। बजट के अभाव में जंगली जानवरों के लिए पानी और चारा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाता है। क्षेत्रवासियों से पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
विज्ञापन


बढ़ी संख्या में हैं ऋषिकेश रेंज में वन्य जीव
ऋषिकेश रेंज के अंतर्गत बड़ी संख्या में वन्य जीव रहते हैं। यहां हाथी, चीतल, सांभर, गुलदार, जंगली सुअर, शेही, बार्किंग डियर, उदबिलाउ, घनेर, मोर, तोते, बाज, उल्लू आदि कई प्रकार के पशु और पक्षी मौजूद हैं।

शिवपुरी रेंज के पास भी नहीं बजट
शिवपुरी रेंज में भी जंगली जानवरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था का कोई बजट उपलब्ध नहीं है। शिवपुरी रेंज अधिकारी स्पर्श काला के अनुसार मुनिकीरेती, भद्रकाली, हर्बल गार्डन, चोरपानी, कुशरैला आदि जगहों पर जंगली जानवरों के पानी पीने के लिए वाटर हॉल बनाए गए हैं। बजट न होने से जंगली जानवरों के लिए पानी उपलब्ध कराने में परेशानियां होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें