ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेेश। सूरत के सरथाना में हुए भीषण अग्निकांड में मारे गए छात्रों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जीवन नश्वर है, इसलिए हर पल का उपयोग करें। शनिवार को परमार्थ निकेतन गंगा तट पर आयोजित श्रीराम कथा में स्वामी चिदानंद सरस्वती, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सहभाग किया। सांध्यकालीन गंगा आरती में सूरत के सरथाना में घटे भीषण अग्निकांड में मारे गए छात्रों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा एवं शांति पाठ किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम की कथा सभी के पीड़ा निवारण की कथा है। ईश्वर उन सभी शोक संतप्त परिवारों की पीड़ाओं का निवारण करें, जिन्होंने अपने घर के चिरागों को खोया है। कथावाचक मुरलीधर ने कहा कि दु:ख की घड़ी से प्रभु नाम ही पार लगा सकता है। प्रभु का नाम हमेशा अंत:करण में चलना चाहिए, तभी मनुष्य पीड़ा से उबर सकता है। प्रभु के साथ एक हो जाना ही जीवन है। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती और कथावाचक मुरलीधर ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को पर्यावरण का प्रतीक रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।