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गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति में बगावत

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। राफ्टिंग के नियमों में बदलाव होने के कारण गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति में बगावत के सुर फूटने लगे हैं। समिति के नियमों में कई बार फेरबदल होने से असंतुष्ट हुए कुछ राफ्टिंग कंपनियों ने समिति से हटकर गंगा में राफ्टिंग संचालन करने का निर्णय लिया है। संचालन में कोई व्यवधान न हो इसके लिए राफ्टिंग कंपनियों ने पुलिस से गुहार लगाई है।
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राफ्टिंग कंपनी ड्रीम लाइफ एडवेंचर, ड्रीम लैंड एडवेंचर और नॉर्थ फेस एडवेंचर के संचालक क्रमश: रविंद्र, मनोज और गौतम ने पुलिस को बताया कि गंगा नदी में राफ्टिंग व्यवस्था के अंतर्गत कई राफ्टें गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के अनुसार चल रही हैं लेकिन राफ्टिंग संचालन में अपने हितों के लिए बार-बार फेरबदल किया जा रहा है। कई राफ्टिंग व्यावसायी पहले से ही रोटेशन समिति के अंतर्गत नहीं चल रहे हैं।
असंतुष्ट संचालकों का कहना है कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग से जारी लाइसेंस के अनुसार किसी भी कंपनी का समिति के तहत संचालित होना बाध्यता नहीं है। रोटेशन से जुड़े कुछ लोगों की ओर से वॉकिंग क्लाइंट की बुकिंग न करने का दबाव बनाया जा रहा है, जोकि सर्वथा अनुचित है।
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पहले भी हुई थी बगावत
गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति बनने के कुछ माह बाद ही शिवपुरी की एक राफ्टिंग कंपनी की शह पर कुछ अन्य राफ्टिंग कंपनियों ने भी समिति से हटकर गंगा में राफ्टिंग के संचालन की मांग की थी। इसके बाद समिति ने उक्त राफ्टिंग कंपनियों को समिति में शामिल होने के लिए मना लिया था।

कोट्स
जो राफ्टिंग संचालक समिति से बाहर होना चाहते हैं वह राफ्टिंग के नियमों को ताक पर रखकर गंगा में राफ्टिंग का संचालन कर रहे हैं। समिति के द्वारा राफ्टिंग करने से पहले पूरी व्यवस्थाओं की जांच की जाती है। बिना लाइसेंस के गाइड और ओवरलोड राफ्टें चलाना इस प्रकार की कंपनियों का मकसद है। राफ्टिंग को व्यवस्थित और बेहतर संचालन गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति हमेशा करती रहेगी। असंतोष जताने वाले राफ्ट संचालक पूर्व में भी अनियमितता करते पकड़े जा चुके हैं।
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- दिनेश भट्ट, अध्यक्ष, गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति
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