ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में लगातार मानव वन्यजीव घटनाओं पर राजाजी टाइगर रिजर्व ने संज्ञान लिया है। राजाजी टाइगर रिजर्व के आला अधिकारियों ने बैठक कर आदमखोर गुलदारों से निजात दिलाने की रणनीति तैयार की। इसके तहत अगले सप्ताह से पांच टीमों की मदद से जंगल में पिंजरा लगाकर पकड़ने, छुपकर और हाथी पर सवार होकर ट्रैंकुलाइज करने का अभियान छेड़ा जाएगा।
एक महीने के अंदर दो अलग-अलग वारदातों में गुलदार दो स्थानीय ग्रामीण महिलाओं को मौत के घाट उतार चुका है। वहीं गुलदार छह साल में 24 लोगों को मार चुका है। इन घटनाओं ने लोगों को एक बार फिर से दहशत में डाल दिया है। वहीं राजाजी प्रशासन भी गुलदारों की घटनाओं को लेकर चिंतित है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व कार्यालय देहरादून के निदेशक पीके पात्रो के नेतृत्व में बैठक कर आदमखोर गुलदार से निजात दिलाने को लेकर रणनीति तैयार की गई। निदेशक ने बताया कि अब तक मोतीचूर रेंज में गुलदारों की गतिविधियों पर कैमरा ट्रैप से किए गए विशेषज्ञों के अध्ययन में दो गुलदारों के आदमखोर होने की पुष्टि हो रही है। इन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बैठक में तय हुआ कि पूर्व में चलाए गए अभियानों की विफलता का अध्ययन कर नई रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत पांच टीमों की मदद से पूरे जंगल में एक साथ अभियान चलाया जाएगा। आदमखोर को पिंजरा लगाकर पकड़ने और ट्रैंकुलाइज करने के लेकर तैयारी चल रही है। अगले सप्ताह इस अभियान पर कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा निदेशक ने ग्रामीण महिलाओं से जंगल में प्रवेश न करने की अपील की।
रात में कार्य पर लगा प्रतिबंध
राजाजी की मोतीचूर रेंज सीमा से होकर गुजर रहे हाईवे पर निर्माण एजेंसी के रात्रि में कार्य करने पर रेंज प्रशासन ने रोक लगा दी है। बाकायदा निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को रेंज अधिकारी की ओर से पत्र लिखकर इस बाबत एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हिदायत दी गई है कि गुलदार के खतरों के मद्देनजर रात में निर्माण कार्य हरगिज न करें।
यात्रा सीजन में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग
राजाजी टाइगर रिजर्व की इको विकास समितियों ने पत्र लिखकर हाईवे पर यात्रा सीजन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग की है। इको विकास समिति प्रतीतनगर और खांडगांव के अध्यक्ष राजेश जुगलान, चंद्र सिंह नेगी ने बताया कि हाईवे पर बीते छह वर्षों में अब तक हुई 24 में से 10 वारदातों में गुलदार ने बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों, वाहन चालकों को मौत के घाट उतारा है। यात्रा सीजन में हाईवे से गुजरते हुए वाहनों से यात्री जंगल की सीमा में शौच आदि के लिए रुकते हैं। इसके चलते वे गुलदार का शिकार हो जाते हैं। संविदाकर्मी तैनात कर हाइवे पर रुकने वाले राहगीरों को गुलदार के खतरे की जानकारी देकर लोगों की सुरक्षा की जा सकती है।
घटनाओं पर अंकुश लगाने ग्रामीणों को किया जागरूक
मोतीचूर रेंज अधिकारी के नेतृत्व में शुक्रवार को ग्रामसभा ठाकुरपुर के ग्रामीणों संग बैठक कर वन्यजीव मानव संघर्ष की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर जागरूक किया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान विजय राम पेटवाल ने जंगल सीमा से सटे आबादी क्षेत्र में अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने और ग्राम प्रहरी तैनात करने सहित कई प्रस्ताव रेंज अधिकारी को सौंपे।