ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. एसके गुप्ता मंगलवार को एसपीएस राजकीय चिकित्सालय के निरीक्षण पर पहुंचे। इस दौरान उन्हें खामियां मिलीं। अस्पताल में रेडियोग्राफी और डेंटल एक्सरे तो दूर डेंटल चेयर तक नहीं। हर कोने में गंदगी पसरी थी। जगह जगह पान खाकर थूके जाने के निशान थे। इस पर सीएमओ ने नाराजगी भी जाहिर की। तुरंत सफाई के निर्देश दिए।
सीएमओ के सामने चिकित्सालय की डेंटल सर्जन डा. नीना सैनी ने उनके कक्ष में एयर कंडीशनर न होने का मसला उठाया। डेंटल की पूरी यूनिट न होने का भी रोना रोया। सीएमओ ने इन समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
इसके बाद सीएमओ आयुष्मान कार्ड सेंटर पहुंचे। यहां सीएमएस डा. एनएस तोमर ने उन्हें बताया कि अभी तक चिकित्सालय में बने सेंटर में कुल 3,000 स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से 100 मरीज इस कार्ड का लाभ उठा चुके हैं। करीब डेढ़ लाख रुपए का क्लेम अस्पताल को मिल चुका है। उन्होंने बताया कि एसपीएस चिकित्सालय के अलावा ऋषिकेश में निर्मल आश्रम आई इंस्टीटयूट, कंडारी क्लीनिक और एम्स ऋषिकेश में यह सुविधा उपलब्ध है। कोहली अस्पताल ने भी इस कार्ड के अप्लाई किया है।
टेक्नीशियन रुचि ने सीएमओ के समक्ष स्टाफ की समस्या रखी। इसके बाद सीएमओ ने इमरजेंसी का रूख किया और रजिस्टर की जांच की। यहां मौजूदा चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि इमरजेंसी सेवा में प्रतिदिन 30 से 40 की संख्या में मरीज पहुंचते है। निरीक्षण के वक्त तक 22 मरीज पहुंच चुके थे।
‘सर, अस्पताल का उद्धार कर दो...’
सीएमओ डा. एसके गुप्ता के चिकित्सालय निरीक्षण पहुंचते ही डाक्टरों ने उनके सामने अपनी दिक्कतें बतानी शुरू कर दी। डेंटल सर्जन डा. नीना सैनी बोलीं, ‘सर, अस्पताल का उद्धार कर दो...’। पता चला कि यह गुहार एसी के लिए लगाई जा रही है।
बीटीसी परिसर में लिया स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा
सीएमओ देहरादून ने बस ट्रांजिट कंपाउंड में बने स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां रखे रजिस्टर तथा दवाईयां जांची। मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि ज्यादातर उल्टी दस्त, जोड़ों के दर्द, सिर दर्द और बुखार के मरीज यहां पहुंचे हैं। मंगलवार को निरीक्षण तक 108 मरीज पहुंच चुके थे। इस दौरान डस्टबिन न पाए जाने पर सीएमओ ने तुरंत कूड़ेदान की व्यवस्था के निर्देश दिए।