कूड़ा बेचकर नगर पालिका मुनिकीरेती 8,27,944 रुपये का राजस्व इकट्ठा कर चुकी है। वहीं नगर निगम ऋषिकेश और नगर पंचायत जौंक, स्वर्गाश्रम अभी तक कूड़ा रिसाइकिल के उपकरणों से वंचित हैं। खारा स्रोत नदी में स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में जीरो वेस्ट कंपनी के ओर से कूडे़ और कचरे की छंटनी करने के बाद नगर पालिका मुनिकीरेती उसे उचित दाम पर बेच कर राजस्व को बढ़ाने का काम कर रही है। पालिका ने अगस्त 2014 से अब तक कूड़े से बनाई गई खाद से 48,100 रुपये और कबाड़ियों को बेचे कूड़े से 77,9,844 रुपये का राजस्व इकट्ठा किया है।
अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि नगर पालिका मुनिकीरेती द्वारा घर-घर से कूड़ा उठाने का कार्य किया जा रहा है। स्वच्छता के प्रति नगर पालिका मुनिकीरेती काफी सजग है। इसी क्रम में कूड़े का निस्तारण कर उसे बेचकर राजस्व इकट्ठा किया जा रहा है। जिसमें अगस्त 2014 से अब तक खाद और कबाड़ बेचकर 8,27,944 रुपये का राजस्व इकट्ठा किया जा चुका है। बचे हुए अनिस्तारित कूड़े को हरिद्वार ट्रंचिंग ग्राउंड भेजा जाता है।
ऐसे होता है कूड़ा छंटाई का काम
सबसे पहले कूड़ा कन्वेयर बेल्ट में डाला जाता है, जिसके बाद ट्रॉमेल मशीन में कूड़े की छंटाई होती है। गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग किया जाता है। गीले कूड़े को कंपोस्ट मशीन में डालकर खाद बनाई जाती है। इसमें खाने की बची सामग्री, सूखे पत्ते, फलों के छिलके आदि शामिल होते हैं। सूखा कूड़ा जैसे गत्ता, रबड़, प्लास्टिक की बोतल, टिन, स्टील आदि को कांपेक्टर मशीन में डालकर बंडल का रूप दिया जाता है। इसके बाद भी जो कूड़ा बच जाता है उसे पालिका के कूड़ा वाहनों के माध्यम से हरिद्वार ट्रंचिंग ग्राउंड भेजा जाता है।
दो रुपये प्रति किलो बेची जाती है खाद
गीले कूड़े से बनाई गई खाद को कोई भी व्यक्ति नगर पालिका से 2 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीद सकता है। यह खाद बगीचों में पेड़-पौधों के लिए बड़ी उपयोगी होती है। सूखे कूड़े से बना बंडल कबाड़ी को मार्केट रेट के अनुसार बेचा जाता है।
नई मशीनों से पुराने कूड़े पर चल रहा काम
ट्रंचिंग ग्राउंड में पुराना इकट्ठा कूड़े की छंटाई के लिए नगर पालिका मुनिकीरेती ने आचार संहिता लगने से पहले 2 कन्वेयर बेल्ट, 2 ट्रामेल और हरिद्वार कूड़ा भेजने के लिए 1 बड़ा कूड़ा वाहन खरीदा है, जिनकी कीमत करीब 25 लाख रुपये है। इन मशीनों से पुराने इकट्ठे किए गए कूड़े की छंटाई का काम किया जा रहा है।
निगम और पंचायत अब भी चुप
हरिद्वार रोड के समीप स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में फैले कूड़े पर नगर निगम और पंचायत की कार्रवाई कुछ नहीं है। दिनों दिन कूड़े का अंबार बढ़ता जा रहा है। निगम के सफाई निरीक्षक सचिन रावत का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा छंटाई का कार्य वहां झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग करते हैं। जौंक, स्वगाश्रम पंचायत के अधिशासी अधिकारी मोहन प्रसाद गौड़ का कहना है कि लक्ष्मणझूला के पीछे डंपिंग जोन में कूड़ा डंप किया जा रहा है। करीब एक माह के भीतर कूड़ा छंटनी के लिए मशीनें खरीद ली जाएंगी।