ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
देश की 80 करोड़ से ज्यादा की आबादी गाय को माता मानती है। ऐसी दशा में गाय पशु कैसे हो सकती है। भारत में सभी धर्मों के लोग गाय को पालते हैं और उसकी पूजा भी की जाती है।
यह बात गौ कथा वाचक पंडित गोपाल मणि महाराज ने बुधवार को त्रिवेणी घाट परिसर पर गौ कथा के दौरान कही। इस अवसर पर गोपाल मणि महाराज ने उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश की सरकार को विधानसभा में गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने पर धन्यवाद दिया। गौ कथा के दूसरे दिन उन्होंने बताया कि गोवर्धन का सीधा अर्थ है गाय को बढ़ाना और भगवान राम ने गौ संरक्षण का कार्य जीवनभर किया। उन्होंने कहा कि गौ माता का संबंध आस्था से है। भारत का संविधान भी प्रत्येक नागरिक की आस्था का सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है। इस अवसर पर गंगोत्री धाम के रावल आचार्य राकेश प्रसाद सेमवाल, सूरज प्रकाश सकलानी, सूरज मणि रतूड़ी आदि उपस्थित रहे।