फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निगम ने कूड़े के डंप में डाले जरूरी दस्तावेज

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। न रहेगा बांस न बजेगी बांसूरी। कुछ इसी तर्ज पर नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने हाउस टैक्स, निगम की संपत्तियों से जुड़े अहम दस्तावेजों को कूड़े के डंप में डाला हुआ है। निगम के सूत्रों की मानें तो दस्तावेजों को खुर्द बुर्द करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले भी निगमकर्मियों द्वारा जरूरी दस्तावेज जलाने की बात सामने आ चुकी है। यदि दस्तावेज खुर्द बुर्द किए गए तो दुकानों, संपत्तियों और हाउस टैक्स जैसे अहम दस्तावेज ढूंढने से नहीं मिल सकेंगे। निगम परिसर में स्टाफ क्वाटर के सामने छत पर गड़बड़ी को उजागर करने वाले अहम दस्तावेज छांटकर जमा किए गए हैं। इनमें हाउस टैक्स और निगम की संपत्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज शामिल हैं। बताया जा रहा है कि उक्त फाइलों को रद्दी के रूप में जलाने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

करीब एक महीने पहले गुपचुप तरीके से नगर निगम की दर्जनों फाइलें गैरजरूरी और पुरानी कहकर जला दी गई थीं। खाक में तब्दील की गई फाइलों में निगम की संपत्तियों, सड़कों के माप और पुरानी संचालित योजनाओं के ब्योरे मौजूद थे। उक्त फाइलों को इतने गुपचुप तरीके से राख बनाया गया कि किसी को कानों कान खबर तक नहीं हो पाई। गंभीर पहलू यह है कि जिन फाइलों को जला दिया गया उनका अतिरिक्त रिकार्ड भी निगम के पास मौजूद नहीं है।

जांच के आदेश के बाद निगम में हड़कंप
नगर निगम की मेयर अनिता ममगाईं ने दुकानों से 2014 के शासनादेश के सर्किल रेट के मुताबिक किराया न वसूलने और संपत्तियों की जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से ही नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि इसी कड़ी में करीब 200 फाइलें हैं जिन्हें छांटकर बाहर रख दिया गया है, जिन्हें जलाने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन


अतिक्रमण का सीमांकन विवाद भी अग्निकांड की देन
अतिक्रमण अभियान के दौरान अक्सर सड़कों की चौड़ाई और अवैध निर्माण के सीमांकन का विवाद सामने आता रहता है। इस विवाद की जड़ें भी नगर निगम से जुड़ी हुई हैं। गौरतलब है कि 1950 के बाद की फाइलें करीब एक महीने पहले रद्दी बताकर जला दी गईं। असलियत यह है कि इन्हीं फाइलों में नगर की सड़कों, दुकानों सहित अन्य संपत्तियों का बुनियादी ब्योरा और नक्शा भी शामिल था। अब अतिक्रमण अभियान के दौरान आए दिन चिह्नीकरण को लेकर विवाद हो रहे हैं और दस्तावेज ढूंढे नहीं मिल रहे।

कोट्स
अहम दस्तावेजों को जलाने की जानकारी मुझे नहीं है। दोबारा फाइलों को जलाने के लिए कहा गया है तो सोमवार को जवाब तलब करूंगी। फाइलें रद्दी घोषित करने से पहले समिति गठित की जानी चाहिए और मेयर को अहम निर्णयों की जानकारी दी जानी चाहिए। इस तरह की अराजकता को कतई नजरंदाज नहीं किया जाएगा। मैं इस मामले की भी जांच करवाऊंगी कि किसके निर्देश पर फाइलों को रद्दी घोषित कर जलाने की साजिश रची जा रही है।
विज्ञापन

- अनिता ममगाईं, मेयर, ऋषिकेश नगर निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें