ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
परमार्थ निकेतन में आयोजित 30वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के 5वें दिन बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने विश्व के 70 देशों से आए योग जिज्ञासुुुओं को योगा फार द सोल के माध्यम से निरोग रहने के गुर सिखाए। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने कहा जीवन में योग को अपनाएं। इसलिए मैं योग से ही होगा के स्लोगन पर जोर देती हूं। उन्होंने कहा कि मैंने डिलीवरी के बाद योग के माध्यम से चार महीने में 32 किलो वजन कम किया है। योग के साथ अपने खान पान पर भी ध्यान रखें, क्योंकि शरीर को फिट रखने के लिये 30 प्रतिशत योग का और 70 प्रतिशत भोजन का योगदान होता है। शिल्पा शेट्टी ने प्राणायाम, मौन का अभ्यास, श्वसन योग का मंत्र दिया।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योग करने से न सिर्फ शरीर की शुद्धि होती है, बल्कि बुद्धि का भी विकास होता है। जीवन में जब केवल बुद्धि होती है, तो व्यक्ति जीवन में सूचनायें एकत्र करता है। सूचनायें, किताबों और केवल ज्ञान में रह जाती हैं, परंतु जीवन नहीं बन पाता। जब जीवन में शुद्धि होती है, तो जीवन सूचनाओं से प्रेरणा की यात्रा पर चल पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती ने योग और प्रेम पर कहा कि श्रीमद् भागवत गीता में भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की सुंदर व्याख्या है। भक्तियोग में लव ऑफ डिवोशन और योग तो एक दिव्य संबंध है। डिवाइन कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि प्रेम में कोई अनुबंध नहीं होता प्रेम तो बिना शर्त के होता है। योगमय जीवन हमेें प्रेम करना सिखाता हैं। योग ही प्रेम है। योग सभी को प्रेम के सूत्र में बांधता है।