ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। संदिग्ध परिस्थितियों में नाबालिग किशोर की मौत के मामले ने बृहस्पतिवार को तूल पकड़ लिया। गुरुवार को परिजन उसका शव लेकर कोतवाली पहुंचे और जमकर हंगामा किया। ये लोग दो पार्षदों पर साजिश का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इन लोगों ने पुलिस और प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार भी लगाई। बाद में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
बृहस्पतिवार को मृतक की भाभी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि दो पार्षद सहित दस लोग लगातार उनके देवर को झूठे मुकदमे में फंसाने, जान से मारने की धमकी दे रहे थे। कई बार जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसके साथ अभद्रता भी की गई थी। इससे परेशान होकर उसके देवर ने बीते सोमवार को आत्महत्या कर ली। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति को भी झूठे मुकदमे में फंसाकर गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान महिला का पति भी पुलिस अभिरक्षा में कोतवाली पहुंचा था। उसने आरोप लगाया कि जिस तरह पार्षदों ने उसे गलत तरीके से मुकदमे में फंसा कर जेल भिजवा दिया, उसी तरह छोटे भाई को भी फंसाने की धमकी दी जा रही थी। उसने कोतवाल रितेश शाह से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई।
परिजन करीब आधे घंटे तक पार्षदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। काफी समझाने के बावजूद परिजन शव को कोतवाली परिसर से हटाने के लिए तैयार नहीं हुए। कोतवाल रितेश शाह ने परिजनों से कहा कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक मुकदमा दर्ज करना संभव नहीं है। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि किसी भी हाल में उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। विवेचना में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
निकाय चुनाव के बाद हुआ था विवाद
निकाय चुनाव के ठीक बाद ऋषिकेश के एक इलाके में दो पक्षों के बीच जमकर लात घूंसे चले थे। इस दौरान एक दर्जन लोग घायल भी हुए थे। इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई थी। इसमें मृतक का बड़ा भी शामिल था। इसी मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। बृहस्पतिवार को पैरोल पर कोतवाली पहुंचे मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान दो पार्षदों सहित दस लोगों ने उसे गोली मारने की धमकी दी थी। उसी क्रम में चुनाव के बाद मारपीट के केस में उसे झूठा फंसा दिया गया। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मारपीट के मामले में विवेचना कर रहे सब इंस्पेक्टर दीपक तिवारी को इस केस से हटा दिया गया है। अब इस मामले की जांच आईडीपीएल चौकी इंचार्ज राकेश भट्ट करेंगे।