बम-बम भोले से गूंजी तीर्थनगरी, भारी बारिश के बीच उमड़े शिवभक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश/यमकेश्वर। सावन के पहले सोमवार पर तीर्थनगरी के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। खराब मौसम के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, चीनी, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
तड़के से ही मंदिरों में ओम नमः शिवाय और बोल बम के जयकारों से वातावरण शिवमय बना रहा। तीर्थनगरी के प्रमुख शिवालयों सोमेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, वीरभद्र महादेव और नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। वहीं त्रिवेणी घाट, स्वर्गाश्रम घाट, लक्ष्मणझूला गंगा घाट, जानकी सेतु और पूर्णानंद घाट पर भी श्रद्धालुओं का आवागमन सुबह से शुरू हो गया।
बाघखाला-नीलकंठ पैदल मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल देखने को मिली। साथ ही नीलकंठ महादेव धाम में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह पांच बजे से ही हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा नीलकंठ के दर्शन कर जलाभिषेक किया। दोपहर में कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी आई, हालांकि बाद में भीड़ सामान्य हो गई।
उत्तराखंड के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया। प्रशासन के अनुसार पहले सोमवार को करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। देर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना जारी रहा।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी के जवान तैनात रहे, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ से स्थानीय दुकानदारों, ढाबा संचालकों और होटल व्यवसायियों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई। प्रसाद, रुद्राक्ष और पूजा सामग्री की दुकानों पर दिनभर खरीदारी होती रही।