पांच दिन से नतीजे पर नहीं पहुंचे नगरायुक्त
ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश। अवैध कब्जों और नगर निगम की कमाई पर कुंडली मारकर बैठे दुकान माफिया के खिलाफ कार्रवाई कमजोर पड़ने लगी है। नगर आयुक्त घोटालों से जुड़ी जिन फाइलों का पिछले पांच दिन से अध्ययन कर रहे हैं वे जस की तस पड़ी हैं। इसके साथ ही कुल 187 दुकानों पर किराया वसूली से लेकर अवैध कब्जों के मामले में नोटिस तो दूर अंदरखाने संशय की स्थित है। मेयर के मुताबिक अभी यह देखा जाना शेष है कि बढ़े हुए शुल्क शासनादेश के अनुसार लागू हुए हैं या तत्कालीन पालिका बोर्ड का फैसला था। खास पहलू यह है कि जब सारे घोटाले सामने पर आ गए हैं तो निगम प्रशासन शासनादेश और बोर्ड के फैसले की छानबीन का बहाना कर घोटालेबाजों को राहत देने की कोशिशों में जुट गया है।
एक के एक बाद खुल रहे घोटालों पर निगम अफसरों में बेचैनी है। उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि निगम की संपत्तियां खुर्दबुर्द कर दी गई हैं। उनकी चिंता यह है कि आखिर जानकारियां लीक कैसे हो रही हैं। इसी संदर्भ में मंगलवार को मेयर अनिता ममगाईं ने बारी-बारी से निगम के अफसरों और कर्मचारियों की बैठक ली। इस दौरान मेयर और नगर आयुक्त ने कहा कि निगम से जुड़ी जानकारियां लीक न की जाएं। मेयर ने कहा कि निगम से जुड़ी जानकारियों को मीडिया में देने के लिए सिर्फ नगर आयुक्त अधिकृत होंगे। उनकी अनुपस्थिति में सहायक नगर आयुक्त यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
कर्मचारियों को घुड़की दिखाई, असल मुद्दे से भटके भी
ऋषिकेश। घोटालों का खुलासा होने के बाद मेयर अनिता ममगाईं कर्मचारियों पर दबाव बनाने में कामयाब हो गईं। इसी के साथ वह असल मुद्दे से भटक भी गईं। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि सभी अफसरों और कर्मचारियों को कहा गया है कि निगम और जनता के हित में जिन्हें काम करना हो वे रहें वरना अपना स्थानांतरण करा लें। उन्होंने यह भी हिदायत दी है कि अफसर निगम से जुड़े हर निर्णय से उन्हें अवगत कराएं जिससे मीडिया से वार्ता के दौरान उन्हें असमंजस की स्थिति न झेलनी पड़े।
दुकानों का किराया बढ़ोतरी मामले में बोर्ड में रखा जाएगा
ऋषिकेश। मेयर ने बताया कि निगम की दुुकानों पर किराया वृद्धि किस फार्मूले पर लागू की जाए, ये मामला आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। पांच साल में दुकानों के किराए में होने वाली वृद्धि पर बोर्ड सदस्यों से मत लिया जाएगा। इसके बाद अंतिम रूप से नया शुल्क लागू होगा।
त्रैमासिक पत्रिका निकाली जाएगी
ऋषिकेश। नगर निगम अब अपनी त्रैमासिक पत्रिका निकालने जा रहा है। इसमें फरियादियों के अनुभव, समस्याओं का स्वरूप प्रकाशित किए जाएंगे। इनमें पार्षदों के क्रियाकलाप और विकास कार्यों का भी जिक्र होगा। मेयर ने बताया कि पत्रिका का शीर्षक अभी तय नहीं किया गया है। पत्रिका नगर निगम के आंकड़ों का सार्वजनिक दस्तावेज होगी। इसके अलावा सफाई कर्मियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे सायंकाल में भी नगर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे।