देहरादून जिला पूर्ति कार्यालय के अधिकारियों की लापरवाही से गरीबों का 90 कट्टा सरकारी राशन गोदाम में सड़ रहा है।
विभाग के पास इसके निस्तारण का समय नहीं है। राशन सड़ने से हजारों का नुकसान हो रहा है। अगर समय से राशन का निस्तारण होता, तो यह गरीबों के काम आ जाता। इस राशन को पुलिस ने पिछले साल जून में कालाबाजारी करते हुए दो वाहनों से पकड़ा था।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोदाम में 13 जून 2015 से 50 कट्टा गेहूं और 40 कट्टे चावल निस्तारण के लिए रखे हैं। लेकिन विभागीय अधिकारी निस्तारण में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। वरिष्ठ विपणन अधिकारी ने आठ मार्च को जिला पूर्ति अधिकारी को इस संबंध में पत्र भेजा है।
उन्होंने लिखा है कि यह राशन अधिक समय से गोदाम में संग्रहीत है और अनाज की गुणवत्ता एवं मात्रा में कमी हो रही है। गोदाम में जगह घिरने से सरकारी योजनाओं के खाद्यान्न संग्रहण करने में परेशानियां हो रही है। लिहाजा इस राशन का शीघ्र निस्तारण किया जाए। ताकि शेष राशन को बचाया जा सके।
विभागीय प्रक्रिया के अनुसार कालाबाजारी का राशन पकड़ने के कुछमाह के भीतर ही उसे किसी दूसरे राशन डीलर के नाम रिलीज कर देना चाहिए, ताकि राशन खराब ना हो सके। हालांकि वैसे भी गोदाम में राशन का रोटेशन चलता रहता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
जिला पूर्ति अधिकारी को कई बार राशन निस्तारण के संबंध में पत्र भेजा जा चुका है। नौ माह से गोदाम में राशन खराब हो रहा है। हमने राशन को सुरक्षित रखने का भी प्रयास किया। लेकिन अधिक समय होने की वजह से कुछ राशन के कट्टे खराब हो गए हैं।
- कैलाश चंद्र पांडेय, वरिष्ठ विपणन अधिकारी