पिथौरागढ़। बुंगाछीना कस्बे में सड़क हादसे में हुई युवक की मौत ने यातायात व्यवस्थाओं की पोल खोली है। बुंगाछीना सहित अन्य कस्बों में सड़कों पर स्पीड ब्रेकर नहीं हैं। दुर्घटना संभावित मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड भी नदारद हैं। बिना हेलमेट और ओवर स्पीड वाहनों से लोग परेशान हैं तो नियमों का पालन कराने वाले नदारद हैं।
बीते बृहस्पतिवार को बुंगाछीना कस्बे में एक मोटरसाइकिल की पिकअप वाहन से टक्कर में एक युवक को काल के गाल में समाना पड़ा तो दूसरा अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा है। इस हादसे के बाद जिले भर में यातायात व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बुंगाछीना के साथ ही कनालीछीना, थल, झूलाघाट, धारचूला, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग आदि कस्बों में स्पीड ब्रेकर नहीं हैं। खतरनाक मोड़ों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। अधिकतर कस्बों में सड़क पर बेतरतीब ढंग से चौपहिया, दोपहिया वाहन खड़े होने से मार्ग संकरे हो गए हैं जो हादसों का कारण बन रहे हैं।
नियमों की उड़ रही धज्जियां, सहमे हैं लोग
बुंगाछीना जैसा ही हाल थल, मुवानी, देवलथल, कनालीछीना, कमतोली, सुवालेख सहित कई बड़े-छोटे कस्बों और आबादी वाले ग्रामीण इलाकों का है। इन जगहों पर रोजाना बिना हेलमेट चालक दोपहिया वाहनों को तेज रफ्तार दौड़ा रहे हैं। इन पर लगाम लगाने वाले गायब हैं। हर दिन नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं लेकिन नियमों का पालन कराने वाले जिम्मेदार नजर नहीं आ रहे हैं। दोपहिया वाहनों की रफ्तार पर जिला मुख्यालय में भी लगाम नहीं लग पा रही है। ऐसे में राहगीर सड़कों को डरे-सहमे आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
.............
ऐसे क्षेत्रों में इंटरसेप्टर आदि के जरिये ड्राइव चलाई जाएगी। नगर क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। सड़कों पर सुरक्षा के इंतजाम अन्य विभाग अपने हिसाब से करते हैं।
-अक्षय प्रह्लाद कोंडे, पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़