पिथौरागढ़ में कुजिगाड़ में बारिश से तबाह खेत
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जिला मुख्यालय के कुजिगाड़ (चमाली) और धारचूला के पांगला में अतिवृष्टि ने गहरे जख्म दिए हैं। कुजिगाड़ में लोगों की कृषि भूमि पर मलबा पटने से रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। वहीं, पांगला में सड़क को भी नुकसान पहुंचा है।
शुक्रवार को हुई अतिवृष्टि से कुजिगाड़ में भवान सिंह बोरा, रूप सिंह बोरा, दीवान सिंह बोरा, लाल सिंह धारियाल, देव सिंह धारियाल, भवान सिंह वल्दिया, मान सिंह रफाल की करीब 10 नाली जमीन पर मलबा पट गया। गेहूं, सरसों, मसूर के साथ ही लहसुन, प्याज के खेत मलबे में दब गए। कई टन मलबा खेतों में पसरा है। पूर्व जिपं अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा ने बताया कि गांव के अधिकतर लोग खेती, किसानी से अपना गुजर-बसर करते हैं। उन लोगों की रोजीरोटी पर अतिवृष्टि की मार पड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और जमीन में आई दरार का ट्रीटमेंट करने की मांग को लेकर सोमवार को डीएम से मुलाकात की जाएगी।
उधर, धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार अतिवृष्टि से पांगला में एसएसबी की चौकी के अलावा ग्रामीण पद्म सिंह, धरम सिंह, लक्ष्मण सिंह और दुर्गा देवी के मकान में मलबा घुस गया। पांगला बाजार में भी मलबा भर गया। पांगली में सड़क की दीवार को भारी क्षति पहुंची है। लोगों ने सड़क की मरम्मत करने के साथ ही प्रभावितों को मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
कुजिगाड़ और पांगला में हुई क्षति का आकलन कराने के निर्देश राजस्व विभाग को जारी कर दिए गए हैं। क्षति का आकलन कराने के बाद प्रभावितों को राहत राशि दी जाएगी। बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही कई महकमों को अलर्ट जारी किया गया है।
-सी रविशंकर, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़